36 साल बाद खत्म ‘लाल आतंक’: छत्तीसगढ़ के कई जिले नक्सल मुक्त, अंतिम माओवादी भी लौटे मुख्यधारा में…NV News

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NV News – Raipur/Bastar। छत्तीसगढ़ में दशकों से जारी नक्सलवाद को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। करीब 36 साल बाद ‘लाल आतंक’ का प्रभाव अब खत्म होने की कगार पर पहुंच गया है और राज्य के कई जिले पूरी तरह नक्सल मुक्त घोषित किए जा रहे हैं। सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई और सरकार की पुनर्वास (rehabilitation) नीति के चलते अंतिम माओवादी भी अब मुख्यधारा में लौट रहे हैं।

बताया जा रहा है कि लंबे समय से चल रहे अभियान (anti-naxal operation) के तहत सुरक्षा एजेंसियों ने रणनीतिक तरीके से नक्सल नेटवर्क को कमजोर किया। इसके साथ ही सरकार द्वारा चलाई जा रही विकास योजनाओं और आत्मसमर्पण नीति (surrender policy) का भी बड़ा असर देखने को मिला है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव सिर्फ सुरक्षा कार्रवाई का परिणाम नहीं, बल्कि विकास, शिक्षा और रोजगार के अवसरों के बढ़ने का भी असर है। बस्तर जैसे इलाकों में अब सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी सुविधाओं के विस्तार से लोगों का भरोसा शासन पर बढ़ा है।

इस ऐतिहासिक बदलाव के साथ ही छत्तीसगढ़ अब शांति और विकास की नई दिशा में आगे बढ़ता दिख रहा है, जहां कभी नक्सलवाद का गढ़ माना जाने वाला क्षेत्र अब सामान्य जीवन की ओर लौट रहा है।

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