रियल इस्पात हादसा: कलेक्टर और एसपी ने संभाला मोर्चा, प्लांट सील कर दिए जांच के आदेश; प्रबंधन पर गिर सकती है गाज…
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रायपुर (सिलतरा): राजधानी के सिलतरा स्थित रियल इस्पात प्लांट में कोयला भट्टी (फर्नेस) विस्फोट में 6 मजदूरों की मौत के बाद आज जिला कलेक्टर, एसएसपी और एसडीएम ने संयुक्त रूप से घटना स्थल का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने प्लांट के भीतर सुरक्षा मानकों की घोर अनदेखी और तकनीकी खामियों को करीब से देखा। कलेक्टर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यायिक जांच (Magisterial Inquiry) के साथ-साथ ‘औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग’ को तकनीकी ऑडिट रिपोर्ट पेश करने के कड़े निर्देश दिए हैं।
निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि भट्टी में अत्यधिक दबाव के बावजूद कार्य जारी था, जो एक बड़ी लापरवाही की ओर इशारा करता है। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि यदि प्रबंधन की ओर से सुरक्षा उपकरणों या रखरखाव में कोई भी चूक पाई गई, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ गैर-जमानती धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की जाएगी। फिलहाल, जांच पूरी होने तक प्लांट के संबंधित विंग को सील कर दिया गया है और किसी भी प्रकार के संचालन पर रोक लगा दी गई है।
प्रशासनिक निर्देश और मुख्य बिंदु:
मौके पर जांच: कलेक्टर और एसएसपी ने उन चश्मदीदों और कर्मचारियों से भी बात की जो हादसे के समय वहां मौजूद थे। उनकी गवाही को जांच का आधार बनाया जा रहा है।
दस्तावेजों की जब्ती: एसडीएम के नेतृत्व वाली टीम ने प्लांट के मेंटेनेंस रजिस्टर, कर्मचारियों की हाजिरी सूची और सुरक्षा ऑडिट की फाइलों को अपने कब्जे में ले लिया है।
मुआवजे पर सख्ती: प्रशासन ने प्लांट प्रबंधन को निर्देशित किया है कि मृतक श्रमिकों के परिजनों को सरकारी प्रावधानों के अलावा कंपनी की ओर से तत्काल पर्याप्त आर्थिक सहायता और अनुकंपा नियुक्ति दी जाए।
सुरक्षा ऑडिट: रायपुर के अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में भी इसी तरह की पुरानी भट्टियों और मशीनरी का तत्काल सुरक्षा परीक्षण करने के आदेश दिए गए हैं ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।
अस्पताल में घायलों की निगरानी: एसडीएम को घायलों के समुचित उपचार की निगरानी करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। कलेक्टर ने निजी अस्पताल प्रबंधन को घायलों के इलाज में किसी भी तरह की कोताही न बरतने की चेतावनी दी है।
इस हादसे के बाद पूरे औद्योगिक क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है। श्रमिक संगठनों ने आरोप लगाया है कि कई प्लांटों में सुरक्षा मानक केवल कागजों तक सीमित हैं। कलेक्टर ने आश्वासन दिया है कि जांच रिपोर्ट आने के 15 दिनों के भीतर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। पुलिस ने भी प्लांट के मैनेजर और सुरक्षा अधिकारियों से पूछताछ शुरू कर दी है।
