हादसों को दावत देता रायपुर एक्सप्रेस-वे: बेरीकेडिंग न होने से नाले में जा गिरी बाइक, युवक गंभीर रूप से घायल; निर्माण पर उठे सवाल…NV News

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रायपुर: राजधानी रायपुर का ‘एक्सप्रेस-वे’ अब ‘एक्सीडेंट-वे’ बनता जा रहा है। रविवार सुबह एक बार फिर यहाँ सुरक्षा व्यवस्था की बड़ी चूक सामने आई, जब एक अनियंत्रित बाइक सीधे डिवाइडर को पार करते हुए पास के गहरे नाले में जा गिरी। इस हादसे में बाइक सवार युवक को गंभीर चोटें आई हैं, जिसे इलाज के लिए मेकाहारा (अंबेडकर अस्पताल) में भर्ती कराया गया है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना स्थल पर किसी भी प्रकार की सुरक्षा रेलिंग या बेरीकेडिंग नहीं थी। यदि यहाँ सुरक्षा जाली लगी होती, तो बाइक नाले में गिरने से बच सकती थी और युवक को इतनी गंभीर चोटें नहीं आतीं।

लापरवाही के मुख्य बिंदु:

खुला मौत का नाला: एक्सप्रेस-वे के किनारे और बीच में कई स्थानों पर बड़े नाले और क्रॉसिंग हैं, जहाँ बेरीकेडिंग या तो टूट चुकी है या कभी लगाई ही नहीं गई।

अंधेरे का खतरा: स्थानीय निवासियों की शिकायत है कि एक्सप्रेस-वे के कई हिस्सों में स्ट्रीट लाइटें बंद रहती हैं, जिससे रात के समय ये खुले नाले नजर नहीं आते और वाहन चालक अनियंत्रित होकर हादसे का शिकार हो जाते हैं।

तेज रफ्तार और इंजीनियरिंग की खामी: एक्सप्रेस-वे पर वाहनों की रफ्तार ज्यादा होती है, लेकिन टर्न और ब्रिज के पास सुरक्षा उपाय नाकाफी हैं। सड़क और नाले के बीच की दूरी कम होने के बावजूद सुरक्षा दीवार का न होना बड़ी लापरवाही है।

रखरखाव का अभाव: पूर्व में भी इसी एक्सप्रेस-वे पर कई हादसे हो चुके हैं, जिसमें सड़क धंसने और दीवारों के गिरने की खबरें आई थीं, लेकिन विभाग ने अब तक इससे कोई सबक नहीं लिया है।

प्रशासनिक उदासीनता पर आक्रोश

हादसे के बाद आसपास के लोगों में भारी गुस्सा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि करोड़ों की लागत से बने इस एक्सप्रेस-वे पर आम नागरिकों की सुरक्षा को दरकिनार कर दिया गया है। बार-बार शिकायतों के बावजूद सड़क सुरक्षा ऑडिट (Road Safety Audit) की सिफारिशों को लागू नहीं किया गया है।

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