Raigarh Violence Case: महिला आरक्षक से बर्बरता का मुख्य आरोपी गिरफ्तार, पुलिस ने निकाला जुलूस

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रायगढ़ | Raigarh Violence Case, छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के तमनार क्षेत्र में प्रदर्शन के दौरान महिला आरक्षक के साथ हुई बर्बरता और मारपीट की शर्मनाक घटना के मुख्य आरोपी चित्रसेन साव को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने हेमू कॉलोनी चौक से चक्रधर नगर थाना तक जुलूस निकालकर सख्त कार्रवाई का स्पष्ट संदेश दिया।

जुलूस के दौरान आरोपी के गले में जूते-चप्पलों की माला डाली गई। इस दौरान महिला पुलिसकर्मियों ने उसके चेहरे पर लिपस्टिक लगाई और आरोपी को कान पकड़कर माफी मांगते हुए चलाया गया। पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई समाज में कानून का भय और महिलाओं के प्रति अपराध पर सख्त संदेश देने के उद्देश्य से की गई।

अब तक छह आरोपी गिरफ्तार, एक फरार

Tamanar protest violence, पुलिस के अनुसार इस मामले में अब तक कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है, जबकि घटना में कुल सात आरोपी शामिल बताए जा रहे हैं। एक आरोपी अभी भी फरार है, जिसकी तलाश के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था बर्बरता का वीडियो

Tamanar protest violence, घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पूरे प्रदेश में आक्रोश फैल गया। वायरल फुटेज में देखा गया कि उग्र भीड़ ने महिला कांस्टेबल को दौड़ा-दौड़ा कर खेत में गिरा दिया और उसके कपड़े फाड़ने की कोशिश की। महिला आरक्षक अपनी अस्मत बचाने के लिए रोते हुए भीड़ से गुहार लगाती रही—

“भाई प्लीज छोड़ दो, मैं अब नहीं आऊंगी, मुझे यहां भेजा गया है।”

इसके बावजूद भीड़ के कुछ असामाजिक तत्वों ने अभद्रता और अमानवीय व्यवहार किया।

 

एसपी का सख्त बयान

Tamanar protest violence, घटना सामने आने के बाद रायगढ़ पुलिस अधीक्षक दिव्यांग पटेल ने तत्काल संज्ञान लेते हुए कहा कि महिला पुलिसकर्मियों के साथ इस तरह की घटना किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर सभी दोषियों को चिन्हित कर कानून के तहत सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।

कोयला खदान विरोध के दौरान भड़की हिंसा

Tamanar protest violence, यह हिंसक घटना उस समय हुई जब तमनार क्षेत्र में जेपीएल कोयला खदान सेक्टर-1 कोल ब्लॉक के विरोध में 14 गांवों के ग्रामीण 12 दिसंबर से धरने पर बैठे थे।

27 दिसंबर की सुबह करीब 9 बजे लिबरा चौक पर हजारों प्रदर्शनकारी एकत्र हो गए, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो गया।

प्रदर्शनकारियों को हटाने मौके पर पहुंचे एसडीओपी और तमनार थाना प्रभारी के साथ कुछ उपद्रवियों ने झड़प शुरू कर दी, जो देखते ही देखते बड़े पैमाने पर हिंसा में बदल गई। भीड़ ने पुलिस अधिकारियों पर हमला किया, जिसमें एसडीओपी और थाना प्रभारी कमला पुसाम गंभीर रूप से घायल हो गए। उग्र भीड़ ने पुलिस वाहनों को भी आग के हवाले कर दिया।

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