Public Protest – ड्रेनेज समस्या पर पार्षदों का अनूठा प्रदर्शन; सत्ता पक्ष और विपक्ष ने मिलकर नेशनल हाईवे पर किया चक्काजाम…NV News

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NV News – बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिला मुख्यालय में जल निकासी (ड्रेनेज) की गंभीर समस्या को लेकर शनिवार को राजनीति से ऊपर उठकर एक अनूठा विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। शहर की बदहाल ड्रेनेज व्यवस्था और जलभराव से परेशान होकर नगर पालिका के सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों के पार्षदों ने एकजुट होकर नेशनल हाईवे पर चक्काजाम कर दिया। पार्षदों का आरोप है कि बार-बार शिकायत के बावजूद प्रशासन और संबंधित विभाग इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं कर रहे हैं, जिससे आम जनता को नरकीय जीवन जीना पड़ रहा है।

दलों की दीवार गिरी, जनता के लिए एक हुए पार्षद

आम तौर पर नगर पालिका की बैठकों में एक-दूसरे का विरोध करने वाले कांग्रेसी और भाजपाई पार्षद शनिवार को एक ही सुर में नारेबाजी करते नजर आए। प्रदर्शनकारियों ने बालोद-धमतरी मुख्य मार्ग पर बैठकर आवागमन ठप्प कर दिया। पार्षदों का कहना है कि हल्की बारिश में भी शहर की नालियां उफनाने लगती हैं और गंदा पानी लोगों के घरों और दुकानों में घुस जाता है। ड्रेनेज सिस्टम पूरी तरह से चोक हो चुका है, लेकिन नगर पालिका प्रशासन और नेशनल हाईवे अथॉरिटी एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालकर पल्ला झाड़ रहे हैं।

नेशनल हाईवे पर लगा वाहनों का लंबा जाम

चक्काजाम के कारण नेशनल हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। बसें, ट्रक और निजी वाहन घंटों फंसे रहे, जिससे यात्रियों को काफी असुविधा हुई। प्रदर्शन की उग्रता को देखते हुए भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पार्षदों ने दो टूक शब्दों में कहा कि जब तक जिला प्रशासन के आला अधिकारी मौके पर आकर ड्रेनेज दुरुस्त करने का लिखित आश्वासन नहीं देते, तब तक जाम नहीं हटाया जाएगा। मौके पर पहुंचे तहसीलदार और पुलिस अधिकारियों ने पार्षदों को समझाने की काफी कोशिश की, लेकिन वे अपनी मांगों पर अड़े रहे।

प्रशासन ने दिया जल्द मरम्मत का भरोसा

प्रशासनिक अधिकारियों ने काफी मशक्कत के बाद पार्षदों को भरोसा दिलाया कि ड्रेनेज की सफाई और मरम्मत के लिए तत्काल फंड जारी कर कार्य शुरू कराया जाएगा। अधिकारियों ने माना कि नेशनल हाईवे के निर्माण के दौरान नालियों के लेवलिंग में गड़बड़ी हुई है, जिसे तकनीकी टीम की मदद से सुधारा जाएगा। इस आश्वासन के बाद पार्षदों ने जाम खोला, लेकिन साथ ही चेतावनी दी कि यदि 15 दिनों के भीतर काम जमीन पर नजर नहीं आया, तो वे उग्र आंदोलन करेंगे और कलेक्ट्रेट का घेराव करेंगे।

बालोद में सत्ता और विपक्ष का यह साझा आंदोलन शहर की विकास व्यवस्था की पोल खोलता है। अब देखना होगा कि इस प्रदर्शन के बाद सोता हुआ प्रशासन कितनी जल्दी ड्रेनेज की समस्या का स्थायी समाधान निकाल पाता है।

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