मां शीतला न्याय कलश यात्रा पर पुलिस का पहरा: डीएड अभ्यर्थियों का तीखा सवाल- क्या अब आस्था पर भी चलेगी लाठी?…NV News

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अपनी मांगों को लेकर लंबे समय से संघर्ष कर रहे डीएड (D.Ed) अभ्यर्थियों ने न्याय की आस में ‘मां शीतला न्याय कलश यात्रा’ निकाली, जिसे पुलिस प्रशासन द्वारा बीच रास्ते में ही रोक दिया गया। शांतिपूर्ण तरीके से कलश लेकर आगे बढ़ रहे इन अभ्यर्थियों और पुलिस के बीच तीखी झड़प भी देखने को मिली। अभ्यर्थियों का कहना है कि वे केवल अपनी जायज मांगों को लेकर माता के दरबार में मत्था टेकने जा रहे थे, लेकिन प्रशासन ने इसे शक्ति प्रदर्शन मानकर बल प्रयोग की कोशिश की।

बीजेपी सरकार की हिंदुत्व छवि पर अभ्यर्थियों का कड़ा प्रहार

पुलिसिया कार्रवाई से नाराज डीएड अभ्यर्थियों ने सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल उठाए हैं। प्रदर्शनकारियों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि जो बीजेपी सरकार खुद को हिंदू धर्म और आस्था का रक्षक बताती है, क्या अब उसी के राज में हिंदू आस्था और कलश यात्रा पर लाठियां चलाई जाएंगी? अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं की आवाज सुनने के बजाय उन्हें दमनकारी नीतियों से दबाने का प्रयास कर रही है, जो कि लोकतंत्र और आस्था दोनों का अपमान है।

भर्ती प्रक्रिया और नियुक्ति को लेकर आर-पार की जंग

डीएड अभ्यर्थियों की मुख्य मांग प्राथमिक शिक्षक भर्ती में उन्हें प्राथमिकता देने और रुकी हुई नियुक्ति प्रक्रियाओं को जल्द पूरा करने की है। पिछले कई महीनों से ये युवा राजधानी की सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन कोई ठोस समाधान न निकलता देख उन्होंने अब आध्यात्मिक मार्ग चुनते हुए कलश यात्रा का सहारा लिया। अभ्यर्थियों का तर्क है कि जब प्रशासनिक रास्ते बंद हो जाते हैं, तो भक्त भगवान की शरण में जाता है, लेकिन वहां भी उन्हें रोका जा रहा है।

सोशल मीडिया पर गरमाया मामला, विपक्ष ने भी घेरा

कलश यात्रा को रोके जाने के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिससे सरकार की चौतरफा किरकिरी हो रही है। विपक्षी दलों ने भी इस मुद्दे को लपकते हुए सरकार को घेरा है। अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर तत्काल विचार नहीं किया गया, तो यह आंदोलन और भी उग्र रूप धारण करेगा। फिलहाल, मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है और अभ्यर्थियों का प्रदर्शन जारी है, जिससे तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है।

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