चिटफंड कंपनियों के फरार डायरेक्टरों की अब खैर नहीं; बिलासपुर पुलिस को मिला खास डिजिटल प्रशिक्षण, कुर्क होगी संपत्ति…NV News
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NV News- छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में चिटफंड कंपनियों के जरिए आम जनता से करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी करने वाले फरार आरोपियों और डायरेक्टरों के खिलाफ पुलिस ने अपना शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। जिले में दर्ज चिटफंड मामलों की विवेचना को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और परिणामोन्मुखी बनाने के लिए बिलासपुर पुलिस ने एक विशेष पहल की है। इसके तहत थाना प्रभारियों, विवेचकों और सीसीटीएनएस (CCTNS) स्टाफ के लिए एक दिवसीय विशेष डिजिटल प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, ताकि तकनीकी रूप से पुलिस को और अधिक सक्षम बनाया जा सके।
पुलिस लाइन स्थित चेतना सभागार में आयोजित इस महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम में विशेषज्ञों द्वारा पुलिस बल को आधुनिक तकनीकी और नवीन विधिक प्रक्रियाओं की व्यावहारिक जानकारी दी गई। इस डिजिटल ट्रेनिंग का मुख्य उद्देश्य फरार आरोपियों की तलाश को तेज करना और उनकी चल-अचल संपत्तियों की कुर्की की प्रक्रिया को कानूनी रूप से मजबूत करना है। प्रशिक्षण के दौरान विवेचकों को सिखाया गया कि कैसे ऑनलाइन टूल्स और डिजिटल माध्यमों का उपयोग करके चिटफंड कंपनियों के पंजीयन, उनके प्रमोटरों और देश भर में छिपे उनके डायरेक्टरों का सटीक डेटाबेस तैयार किया जा सकता है।
इस डिजिटल अपग्रेडेशन के बाद अब बिलासपुर पुलिस ठगों के खिलाफ और अधिक मुस्तैदी से एक्शन मोड में नजर आएगी। तकनीकी साक्ष्य जुटाने के आधुनिक तरीकों से लैस होकर पुलिस न केवल आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित करेगी, बल्कि भोले-भाले निवेशकों की डूबी हुई रकम को वापस दिलाने के लिए संपत्ति कुर्की की कार्रवाई में भी तेजी लाएगी। वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि इस प्रशिक्षण से साइबर और वित्तीय अपराधों की गुणवत्तापूर्ण विवेचना करने में पुलिस को एक बड़ी सफलता मिलेगी।

