पुलिस की कार्रवाई: जुआ फड़ पर दबिश, 12 आरोपी गिरफ्तार—6000 रुपये जप्त होने पर सवाल

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जांजगीर-चांपा। जिले के ग्राम सिवनी के करवारपारा में चाम्पा पुलिस ने गुरुवार देर शाम जुआ फड़ पर बड़ी कार्रवाई करते हुए 12 जुआरियों को गिरफ्त में लिया है। पुलिस ने मौके से 6000 रुपये नगद और 52 पत्ती ताश बरामद किए हैं। सभी आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम के तहत अपराध दर्ज किया गया है।

एसपी के निर्देश पर हुई कार्रवाई

त्योहारों के मद्देनज़र पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय (IPS) ने सभी थाना प्रभारियों को अवैध गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। इसी क्रम में मुखबिर से सूचना मिलने पर थाना चाम्पा की टीम ने करवारपारा में जुआ फड़ को घेराबंदी कर धर दबोचा।

गिरफ्तार जुआरी

गिरफ्तार आरोपियों में शामिल हैं—

गुलाब राम धीमर, छेदीलाल राठौर, पीतांबर देवांगन, घनश्याम साहू, लखन यादव, मनमोहन धीवर, सुखसागर दास, मेघा राम साहू, लखन सिंह, बलराम बरेठ, सरजू राम धोबी और गयाराम राठौर।

कार्रवाई में शामिल पुलिस टीम

इस कार्रवाई में निरीक्षक जयप्रकाश गुप्ता के नेतृत्व में SI दादुरैया ठाकुर, बेलसज्जर लकड़ा सहित कुल 13 पुलिसकर्मियों की टीम सक्रिय रही।

 

जप्त सिर्फ 6000 रुपये! उठ रहे सवाल

12 जुआरियों के फड़ से मात्र 6000 रुपये जप्त होने पर स्थानीय लोगों के बीच संदेह गहराता जा रहा है। लोगों का कहना है कि इतने खिलाड़ियों के बीच खेल रहे जुए में रकम इससे कई गुना अधिक होनी चाहिए थी।

इसी वजह से अनुमान लगाया जा रहा है कि पुलिस के पहुंचने से पहले बड़े खिलाड़ी रकम लेकर फरार हो गए होंगे या फड़ पहले से ही खाली हो चुका रहा होगा।

हालांकि पुलिस इस मामले को छोटे फड़ की कार्रवाई बता रही है, लेकिन जप्ती की कम राशि ने जांच की जरूरत को और मजबूत कर दिया है।

 

बड़े जुआ नेटवर्क अब भी सक्रिय?

स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार धनेली, पिसौद, चांपा हनुमानधरा, तिलई, सुकली और छाता जंगल तक कई बड़े जुआ फड़ अभी भी सक्रिय हैं।

सिवनी से कम रकम मिलने के बाद यह चर्चा तेज है कि पुलिस का ध्यान सिर्फ छोटे फड़ों तक सीमित है, जबकि असली नेटवर्क अब भी चालू है और बड़े रैकेट पर कार्रवाई के बाद भी पुलिस अक्सर खाली हाथ लौटती है।

जिले भर में इस मुद्दे पर बहस तेज हो गई है कि क्या पुलिस बड़े नेटवर्क तक पहुंचने में नाकाम है या फिर कहीं न कहीं कार्रवाई सतही स्तर पर ही सीमित रह गई है।

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