Paddy Scam: 26 हजार क्विंटल धान आखिर गया कहां? ‘वांटेड चूहों’ की तलाश, जाल लेकर पहुंचेंगे अमित जोगी!
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कवर्धा। Kawardha Rice Missing Case, छत्तीसगढ़ में लाखों क्विंटल धान के कथित गायब होने का मामला अब सिर्फ प्रशासनिक नहीं, बल्कि राजनीतिक तूफान बन चुका है। विपक्ष जहां सरकार को कठघरे में खड़ा कर रहा है, वहीं कवर्धा जिले में यह मामला अब एक अनोखे और सस्पेंस भरे अभियान में तब्दील हो गया है।
‘चूहों’ पर डाला गया धान गबन का ठीकरा
Rat Poster Protest, कवर्धा जिले के धान संग्रहण केंद्रों से 26 हजार क्विंटल धान के गायब होने का आरोप है। प्रशासनिक तंत्र की ओर से धान के नुकसान का कारण चूहों द्वारा खा जाना बताया गया है। इसी दावे को लेकर जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) ने सरकार और अधिकारियों पर सीधा हमला बोला है।
30 करोड़ के धान का हिसाब मांग रही जोगी कांग्रेस
Kawardha Rice Missing Case, जोगी कांग्रेस का आरोप है कि केवल कवर्धा ही नहीं, बल्कि महासमुंद, जशपुर और बस्तर के धान केंद्रों से भी इसी तरह धान के गायब होने की बातें सामने आई हैं। पार्टी के मुताबिक, कुल मिलाकर यह नुकसान करीब 30 करोड़ रुपये का है।
जगह-जगह लगे ‘वांटेड चूहा’ के पोस्टर
Rat Poster Protest, जिला अध्यक्ष सुनील केसरवानी के नेतृत्व में जोगी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिलेभर में ‘वांटेड चूहा’ लिखे पोस्टर लगाकर अनोखा विरोध शुरू कर दिया है।
केसरवानी का कहना है कि—
“हमारे कबीरधाम जिले में ही 7 से 8 करोड़ रुपये का धान गबन हो गया है। अगर प्रशासन कहता है कि इसे चूहे खा गए, तो हम उसी चूहे की तलाश कर रहे हैं।”
चार पैर वाला या दो पैर वाला चूहा?
Rat Poster Protest, सुनील केसरवानी ने तंज कसते हुए कहा कि—
“अगर कोई ऐसा चूहा कहीं दिखाई दे, जिसने करोड़ों का धान खा लिया हो, तो जनता हमें बताए। हम यह जानना चाहते हैं कि वह चार पैर वाला चूहा है या दो पैर वाला।”
जाल लेकर आएंगे अमित जोगी!
Rice Mill Corruption, इस पूरे मामले को लेकर प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी के अगले दिन कवर्धा पहुंचने की घोषणा की गई है।
पार्टी का दावा है कि अमित जोगी धान संग्रहण केंद्रों का निरीक्षण करेंगे, जाल लेकर चूहा पकड़ने वालों के साथ पहुंचेंगे और कलेक्टर के सामने पूरे मामले का पर्दाफाश करेंगे।
धान घोटाले ने पकड़ा राजनीतिक तूल
Rice Mill Corruption, धान गायब होने का यह मामला अब सरकार और विपक्ष के बीच सीधी सियासी जंग में बदल गया है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा और भी गरमाने के आसार हैं।
