Paddy Procurement Scam: कोर्ट में मामला लंबित होने के बावजूद हटाए गए व्यक्ति को फिर सौंपी गई जिम्मेदारी

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जांजगीर-चांपा। Paddy Procurement Scam, विकासखंड पामगढ़ अंतर्गत ग्राम पंचायत कोड़ाभाट स्थित सेवा सहकारी समिति मर्यादित (पंजीयन क्रमांक 1048) में धान खरीदी को लेकर गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। न्यायालय में प्रकरण लंबित होने के बावजूद पूर्व में सेवा से पृथक किए गए व्यक्ति को दोबारा धान खरीदी की जिम्मेदारी सौंपे जाने पर सहकारिता विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है।

पहले भी विवादों में रही नियुक्ति

Paddy Procurement Corruption, प्राप्त जानकारी के अनुसार समिति में सनत कुमार यादव की नियुक्ति को लेकर पहले भी विवाद सामने आ चुका है। सहकारिता विभाग के अभिलेखों के मुताबिक सनत कुमार यादव की नियुक्ति पूर्व में सेवा सहकारी समिति मर्यादित भैंसो (पंजीयन क्रमांक-857) में कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर की गई थी। इस मामले के सामने आने के बाद उन्हें सेवा से पृथक कर दिया गया था।

कोर्ट में मामला लंबित, फिर भी पुनर्नियुक्ति

Paddy Procurement Corruption, सेवा से पृथक किए जाने के बाद सनत कुमार यादव की पुनः सेवा सहकारी समिति मर्यादित कोड़ाभाट में नियुक्ति कर दी गई, जिसे लेकर शिकायत दर्ज कराई गई। इस पर सहकारिता विस्तार अधिकारी, विकासखंड पामगढ़ द्वारा अधिकृत अधिकारी को पत्र लिखकर स्पष्ट निर्देश दिए गए कि उन्हें तत्काल समिति के कार्य से हटाया जाए।

न्यायिक प्रक्रिया में हार, फिर भी नियमों की अनदेखी

Paddy Procurement Corruption, सनत कुमार यादव द्वारा सेवा से हटाए जाने के विरुद्ध उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं, जांजगीर-चांपा के समक्ष वाद प्रस्तुत किया गया था, जिसमें 23 अगस्त 2024 को उनके विरुद्ध अंतिम आदेश पारित हुआ।

इसके बाद संयुक्त पंजीयक सहकारी संस्थाएं, बिलासपुर संभाग में दायर अपील भी 19 दिसंबर 2024 को खारिज कर दी गई।

Paddy Procurement Corruption, इसके पश्चात उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी अधिकरण में द्वितीय अपील दायर की, जो वर्तमान में न्यायालय में लंबित है। इसके बावजूद उनकी पुनर्नियुक्ति को नियमों का स्पष्ट उल्लंघन माना गया है।

संयुक्त आयुक्त के सख्त निर्देश

Paddy Procurement Corruption, मामले को गंभीरता से लेते हुए संयुक्त आयुक्त, सहकारिता एवं संयुक्त पंजीयक सहकारी संस्थाएं, बिलासपुर संभाग ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि सनत कुमार यादव की नियुक्ति तत्काल प्रभाव से निरस्त की जाए और उन्हें समिति के किसी भी कार्य में संलग्न न किया जाए।

दस्तावेज तलब, कार्रवाई की चेतावनी

Paddy Procurement Corruption, साथ ही यह भी निर्देश दिए गए हैं कि सनत कुमार यादव की नियुक्ति किस आधार पर की गई, उससे संबंधित समस्त दस्तावेज, प्रस्ताव, कार्यवाही पंजी सहित पूरा विवरण दिनांक 24 दिसंबर 2025 तक कार्यालय में प्रस्तुत किया जाए।

निर्देशों का पालन नहीं होने की स्थिति में संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।

धान खरीदी केंद्र की कार्यप्रणाली पर सवाल

Paddy Procurement Corruption, इस पूरे घटनाक्रम ने कोड़ाभाट धान खरीदी केंद्र की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं प्रशासनिक स्तर पर जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की तैयारी भी शुरू कर दी गई है।

 

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