धान खरीदी प्रक्रिया ठप: कई केंद्रों में शुरू नहीं हुई खरीद, किसानों को टोकन व बारदाना समस्या से जूझना पड़ा

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गरियाबंद: छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में इस बार धान खरीदी प्रक्रिया में भारी अव्यवस्था देखने को मिल रही है। जिले के पाँच धान खरीदी केंद्रों में अब तक खरीदी शुरू नहीं हो पाई है, जिसके कारण किसानों में नाराजगी बढ़ रही है। वहीं, जिले के बाकी 85 केंद्रों में पिछले आठ दिनों में 1,58,000 क्विंटल धान की खरीदी हो चुकी है। प्रशासन के अनुसार, पंजीयन की बढ़ाई गई तिथि के अनुरूप किसान 25 नवंबर तक पंजीकरण कर सकते हैं।

किसानों ने बताई अपनी परेशानियाँ:-

धान बेचने पहुंचे किसानों ने खुलकर अपनी समस्याएँ प्रशासन के सामने रखीं। उनका कहना है कि—

टोकन मिलने में लगातार दिक्कतें आ रही हैं।

कई किसानों को टोकन कटने के 8 दिन बाद की तारीख मिल रही है।

इस देरी की वजह से धान बेचने में समय लग रहा है और उन्हें फसल के उचित मूल्य मिलने की चिंता सता रही है।

किसानों ने यह भी बताया कि केंद्रों पर बार-बार फटे हुए बारदाने दिए जा रहे हैं, जिससे बोरी भरने और तौल प्रक्रिया में अतिरिक्त परेशानी बढ़ गई है।

नए कर्मचारियों की अधूरी ट्रेनिंग से बढ़ी समस्या:-

अधिक गंभीर समस्या यह है कि खरीदी केंद्रों पर नए भर्ती कर्मचारी सिर्फ कुछ घंटों की ट्रेनिंग के बाद ही कार्य पर लगा दिए गए हैं।

इस वजह से उनकी जानकारी अधूरी है।

धान की सही तरीके से खरीदी नहीं हो रही है।

प्रक्रिया धीमी चल रही है, जिससे लंबी कतारें लग रही हैं।

किसानों का कहना है कि यदि यही स्थिति रही, तो उन्हें समय पर भुगतान और सही मूल्य मिलने में कठिनाई होगी।

कर्मचारियों और संसाधनों की भारी कमी:-

किसानों ने कहा कि—

केंद्रों में उचित दिशा-निर्देशों की कमी है।

प्रशिक्षित कर्मचारियों का अभाव कार्य में बाधा बन रहा है।

संसाधनों—जैसे बारदाना, तौल सुविधा, छाया व्यवस्था—की कमी के कारण पूरी खरीदी व्यवस्था प्रभावित हो रही है।

किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि समस्याओं का जल्द समाधान किया जाए ताकि धान खरीदी प्रक्रिया तेज, पारदर्शी और सुचारू तरीके से चल सके।

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