बहरीन में युद्ध के साये के बीच फंसे 100 से अधिक भारतीय; तेलंगाना-आंध्र सरकार से वतन वापसी की गुहार, परिवारों में भारी खौफ…NV News

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Raipur। पश्चिम एशिया में ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने बहरीन में रह रहे भारतीय कामगारों की जान जोखिम में डाल दी है। बहरीन में फंसे तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के 100 से अधिक भारतीयों ने वीडियो संदेशों के जरिए अपनी आपबीती सुनाई है। युद्ध जैसी स्थिति और क्षेत्र में उड़ती मिसाइलों के बीच ये भारतीय नागरिक वहां फंस गए हैं, जिनके पास न तो सुरक्षित ठिकाना बचा है और न ही वापस लौटने का कोई स्पष्ट रास्ता। इधर, भारत में उनके परिजनों ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री और आंध्र प्रदेश सरकार से तत्काल हस्तक्षेप कर एयरलिफ्ट या सुरक्षित निकासी की मांग की है।

परिजनों के अनुसार, बहरीन में फंसे अधिकांश लोग निर्माण और सेवा क्षेत्र में काम करने गए श्रमिक हैं। क्षेत्र में बढ़ते हवाई हमलों और तनाव के कारण वहां का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है, जिससे इन भारतीयों को भोजन और बुनियादी सुविधाओं की कमी का सामना करना पड़ रहा है। तेलंगाना के जगित्याल, निज़ामाबाद और आंध्र के तटीय जिलों के परिवारों ने विदेश मंत्रालय (MEA) को पत्र लिखकर गुहार लगाई है कि बहरीन में स्थिति बिगड़ने से पहले उनके सदस्यों को वापस लाया जाए। कई मजदूरों के पासपोर्ट और दस्तावेज उनके नियोक्ताओं के पास होने के कारण समस्या और भी गंभीर हो गई है।

इस बीच, दोनों राज्यों की सरकारों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए केंद्र सरकार से संपर्क साधा है। अधिकारियों का कहना है कि भारतीय दूतावास लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। युद्ध के मुहाने पर खड़े इस क्षेत्र में फंसे भारतीयों के लिए केंद्र सरकार ‘ऑपरेशन अजय’ जैसे किसी रेस्क्यू मिशन पर विचार कर सकती है। बहरीन में अमेरिकी सैन्य बेस की मौजूदगी के कारण वहां सुरक्षा जोखिम और भी अधिक है, जिसे देखते हुए परिवारों की धड़कनें तेज हो गई हैं। सभी की निगाहें अब प्रधानमंत्री कार्यालय और विदेश मंत्रालय के अगले कदम पर टिकी हैं।

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