अंतरराष्ट्रीय बाल दिवस पर 12वीं की छात्रा 15 मिनट बनी SP, लिए कड़े प्रशासनिक फैसले

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जांजगीर-चांपा। अंतरराष्ट्रीय बाल दिवस के अवसर पर जांजगीर-चांपा पुलिस विभाग ने बच्चों में नेतृत्व क्षमता और प्रशासनिक समझ विकसित करने के उद्देश्य से अनूठी पहल की। इस पहल के तहत शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला बनारी की कक्षा 12वीं की छात्रा संतोषी धीवर को 15 मिनट के लिए पुलिस अधीक्षक (SP) की जिम्मेदारी सौंपी गई।

कार्यभार संभालते ही स्टूडेंट SP संतोषी धीवर ने फील्ड और प्रशासनिक स्तर पर प्रभावी निर्णय लिए, जिससे उनकी दूरदर्शी सोच और नेतृत्व क्षमता साफ नजर आई।

स्कूल–कॉलेज के आसपास 200 मीटर तक पान ठेला–गुमटियां हटाने के निर्देश

संतोषी धीवर ने सबसे पहले शैक्षणिक संस्थानों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने आदेश जारी किया कि—

“स्कूल और कॉलेज के 200 मीटर के दायरे में पान ठेला, गुमटी या किसी भी प्रकार की अव्यवस्थित दुकान संचालित नहीं होगी।”

इस फैसले के पीछे मुख्य उद्देश्य—

  • छात्राओं की सुरक्षा
  • भीड़ पर नियंत्रण
  • असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर रोक

यह निर्णय उनकी जिम्मेदारी और संवेदनशील प्रशासनिक सोच को दर्शाता है।

पुलिस लाइन का निरीक्षण – टू-व्हीलर नीलामी प्रकरण को वरिष्ठ कार्यालय भेजा:-

स्टूडेंट SP ने पुलिस लाइन पहुंचकर निरीक्षण किया और लंबे समय से लंबित पड़े टू-व्हीलर वाहनों की फाइलों का अवलोकन किया। उन्होंने नीलामी प्रकरण को शीघ्र निपटान के लिए वरिष्ठ कार्यालय को अग्रेषित किया।

उनका फोकस पुलिस कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और फाइल निपटान की गति बढ़ाने पर रहा।

 

वरिष्ठ अधिकारियों ने दी जागरूकता जानकारी:-

इस कार्यक्रम में DSP कविता ठाकुर और CSP योगिताबाली खापर्डे भी उपस्थित रहीं। उन्होंने बच्चों को—

  • साइबर अपराधों से बचाव
  • महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा
  • यातायात नियंत्रण
  • सड़क सुरक्षा
  • सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग

के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी।

बच्चों को समझाया गया कि पुलिस विभाग केवल कानून व्यवस्था ही नहीं, बल्कि समाज में जागरूकता फैलाने और सुरक्षा सुनिश्चित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

अंतरराष्ट्रीय बाल दिवस: बच्चों के अधिकार और उज्ज्वल भविष्य का संदेश:-

20 नवंबर को मनाया जाने वाला अंतरराष्ट्रीय बाल दिवस बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा, समानता और बेहतर भविष्य सुनिश्चित करने की दिशा में जागरूकता पैदा करता है। यह दिन बच्चों की प्रतिभा और नेतृत्व को प्रोत्साहन देने का अवसर है।

15 मिनट की SP बनीं संतोषी धीवर—बच्चों के लिए प्रेरणा:-

अल्प समय के बावजूद संतोषी धीवर ने जिस आत्मविश्वास और समझदारी के साथ निर्णय लिए, उसने साबित कर दिया कि नई पीढ़ी में नेतृत्व का अद्भुत सामर्थ्य है। उनकी यह भूमिका जिले के अन्य बच्चों को भी प्रेरित करेगी।

प्रमुख फैसले:-

  1. स्कूल–कॉलेज परिसरों के 200 मीटर के दायरे से पान ठेला व गुमटियां हटाने के निर्देश।
  2. पुलिस लाइन निरीक्षण के बाद लंबे समय से लंबित टू-व्हीलर नीलामी फाइल वरिष्ठ कार्यालय भेजी।

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