विशेष संरक्षित पंडो जनजाति की जमीन पर ‘कब्जे’ का विवाद: राजस्व न्यायालय ने मुस्लिमों को थमाया नोटिस, पूछा- “जमीन मिली कैसे?”…NV News

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सूरजपुर (छत्तीसगढ़): छत्तीसगढ़ के ‘राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र’ कहे जाने वाले विशेष संरक्षित पंडो जनजाति के लोगों की जमीन को लेकर सूरजपुर में बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। ग्राम सोल्गा और आसपास के क्षेत्रों में संरक्षित जनजाति की भूमि पर मुस्लिम समुदाय के कुछ व्यक्तियों द्वारा अवैध कब्जे और दस्तावेजों में हेरफेर के गंभीर आरोप लगे हैं। मामला अब राजस्व न्यायालय (Revenue Court) तक पहुँच गया है, जहाँ प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए कब्जाधारियों से जमीन के स्वामित्व के पुख्ता प्रमाण मांगे हैं।

पंडो जनजाति के सदस्यों का आरोप है कि उनकी पुश्तैनी जमीन, जिसे कानूनन खरीदा या बेचा नहीं जा सकता (बिना कलेक्टर की अनुमति के), उसे रसूख के दम पर हड़प लिया गया है। ग्रामीणों की लगातार शिकायतों और विरोध प्रदर्शन के बाद प्रशासन ने मामले की फाइल फिर से खोली है। राजस्व अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता के तहत आदिवासियों की जमीन का हस्तांतरण बेहद जटिल है, ऐसे में यह जांच का विषय है कि मुस्लिम समुदाय के इन लोगों के नाम पर नामांतरण (Mutation) कैसे हुआ।

राजस्व न्यायालय ने संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर पूछा है कि उनके पास इस जमीन के क्या दस्तावेज हैं और वे किस आधार पर इसका उपयोग कर रहे हैं। यदि दस्तावेजों में गड़बड़ी पाई जाती है या हस्तांतरण अवैध साबित होता है, तो जमीन वापस पंडो जनजाति के लोगों को सौंपी जाएगी और दोषियों पर एफआईआर दर्ज की जाएगी। इस खुलासे के बाद इलाके में तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस बल की तैनाती भी की गई है। सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह केवल जमीन का विवाद नहीं, बल्कि एक संरक्षित संस्कृति के अस्तित्व को बचाने की लड़ाई है।

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