Priyanka Gandhi said in Parliament: इतिहास नहीं, अब वर्तमान की बात कीजिए, संसद में प्रियंका गांधी का बीजेपी पर तीखा हमला- NV News

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N.V.News नई दिल्ली: संसद (Parliament) के मानसून सत्र के दौरान मंगलवार को कांग्रेस नेता और सांसद प्रियंका गांधी(Priyanka Gandhi) ने केंद्र सरकार (Central Government) पर तीखा हमला बोलते हुए बीजेपी को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा, “इतिहास की बात आप कीजिए, मैं वर्तमान की बात करना चाहती हूं।” उनका यह बयान सरकार की ओर से बार-बार कांग्रेस के पुराने कार्यकाल की ओर इशारा करने के जवाब में आया।

प्रियंका गांधी ने हाल ही में पहलगाम में हुए आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर के मसले को संसद में गंभीरता से उठाया। उन्होंने सरकार से पूछा कि 11 वर्षों से सत्ता में रहने के बाद भी बीजेपी अब तक पूर्ववर्ती सरकारों को दोष क्यों देती है। “आपको तो एक बहाना चाहिए, पूरे परिवार का नाम गिनवा देते हैं,” उन्होंने कहा, जो स्पष्ट रूप से गांधी परिवार को लेकर बीजेपी की आलोचना पर निशाना था।

उन्होंने संसद में सवाल उठाया कि पहलगाम जैसे हमलों की जिम्मेदारी कौन लेगा? उन्होंने कहा कि देश के जवानों की शहादत और आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए जवाबदेही तय होनी चाहिए। प्रियंका गांधी ने यह भी कहा कि “जब आप सत्ता में हैं, तो जिम्मेदारी भी आपकी है। विपक्ष को कोसने से सच्चाई नहीं बदलेगी।”

ऑपरेशन सिंदूर(Opration Sindoor) पर भी उन्होंने सरकार से पारदर्शिता की मांग करते हुए कहा कि पूरा देश जानना चाहता है कि उस ऑपरेशन की योजना, कार्यान्वयन और परिणाम क्या रहे। उन्होंने कहा कि संसद में चर्चा केवल श्रेय लेने के लिए नहीं, बल्कि जवाबदेही तय करने के लिए होनी चाहिए। उन्होंने पहलगाम आतंकी हमले के पीछे की सुरक्षाचूक को रेखांकित करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि पहलगाम की बायसरन घाटी में सुरक्षा वहां क्यों नहीं थी? क्या सरकार को मालूम नहीं था कि हजारों लोग वहां जाते हैं। लोग सरकार के भरोसे गए और सरकार ने उन्हें भगवान भरोसे छोड़ दिया। ये किसकी जिम्मेदारी किसकी थी?

सदन में अपने भाषण के दौरान प्रियंका गांधी ने अपनी मां सोनिया गांधी का जिक्र करते अमित शाह के बयान पर पलटवार किया। उन्होंने भावुक शब्दों में कहा कि गृह मंत्री ने आज मेरी मां के आंसुओं की बात की। मैं इसका जवाब देना चाहती हूं। मेरी मां के आंसू उस दिन गिरे थे, जब आतंकियों ने मेरे पिता की हत्या कर दी थी। उन्होंने आगे कहा कि आज जब मैं पहलगाम हमले के 26 पीड़ितों की बात करती हूं, तो इसलिए क्योंकि मैं उनके दर्द को महसूस करती हूं। मैंने भी अपना पिता खोया है, इसलिए मुझे पता है कि दुख क्या होता है

प्रियंका गांधी के इस भाषण को विपक्ष ने सराहा, जबकि सत्तापक्ष ने इसे “राजनीतिक नौटंकी” बताया। फिर भी, इस बहस ने राष्ट्रीय सुरक्षा पर जवाबदेही के मुद्दे को नए सिरे से चर्चा में ला दिया है।

 

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