नक्सलियों का गढ़ अब बनेगा लाइफलाइन: 15 साल बाद नेतानार की बदली तस्वीर, Ground Zero से रिपोर्ट…NV News
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NV News- छत्तीसगढ़ का धुर नक्सल प्रभावित बस्तर जिला अब अपनी पुरानी खौफनाक पहचान को पीछे छोड़ते हुए विकास की नई इबारत लिख रहा है। कभी नक्सलियों के खौफ और खूनी खेल से कांपने वाला नेतानार गाँव अब बस्तर की नई लाइफलाइन बनने की राह पर अग्रसर है। ग्राउंड जीरो से सामने आई तस्वीरों और रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले 15 सालों से जो इलाका पूरी तरह से मुख्यधारा से कटा हुआ था, वहाँ अब प्रशासनिक दखल और सुरक्षा बलों की मुस्तैदी के बाद तेजी से बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं।
इस अंदरूनी इलाके में सुरक्षा बलों के कैंप स्थापित होने के बाद जहाँ एक तरफ नक्सलियों के पैर उखड़े हैं, वहीं दूसरी तरफ बंद पड़े विकास कार्यों को नई रफ्तार मिली है। नेतानार और उसके आसपास के गांवों को जोड़ने के लिए सड़कों और पुल-पुलियों का जाल बिछाया जा रहा है। स्वास्थ्य, शिक्षा और शुद्ध पेयजल जैसी जरूरी सुविधाएं, जो डेढ़ दशक से यहाँ के आदिवासियों के लिए एक सपना बनी हुई थीं, वे अब सीधे उनके घरों तक पहुँच रही हैं।
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि नेतानार का यह बदलाव पूरे बस्तर के लिए एक मॉडल साबित होगा। नए जन सुविधा केंद्रों और कैंपों के माध्यम से ग्रामीणों को अब जरूरी सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए मीलों दूर भटकना नहीं पड़ेगा। स्थानीय ग्रामीणों में भी इस नए बदलाव को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है। सालों तक बंदूक की साये में जीने वाले लोग अब अपने बच्चों के बेहतर भविष्य और क्षेत्र की इस नई लाइफलाइन को लेकर बेहद आशान्वित हैं।

