नवोदय विद्यालय के छात्र की निमोनिया से मौत, प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप; हॉस्टल की अव्यवस्था भी आई सामने
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बिलासपुर। मल्हार नवोदय विद्यालय में पढ़ने वाले कक्षा 10वीं के छात्र की इलाज के दौरान मौत हो गई। छात्र को निमोनिया होने की पुष्टि के बाद निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों ने विद्यालय प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है और हॉस्टल की अव्यवस्था को मौत की बड़ी वजह बताया है।
जानकारी के अनुसार, बेलगहना निवासी हर्षित यादव, जो कक्षा छठवीं से ही मल्हार नवोदय विद्यालय में पढ़ रहा था और हॉस्टल में ही रहता था, अचानक बीमार पड़ गया। विद्यालय प्रबंधन ने परिजनों को फोन कर उसकी तबीयत बिगड़ने की सूचना दी। सूचना मिलने पर पिता जयप्रकाश तत्काल विद्यालय पहुंचे और बेटे को शहर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया।
अस्पताल जांच में पता चला कि हर्षित को निमोनिया हुआ है। प्राथमिक उपचार के बाद उसे घर भेज दिया गया, लेकिन अगले ही दिन उसकी तबीयत फिर से बिगड़ गई और वह बेहोश हो गया। परिजन उसे दोबारा अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उसे आईसीयू में भर्ती किया गया। लगातार इलाज के बावजूद उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ और उसने दम तोड़ दिया।
परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप:-
छात्र के पिता जयप्रकाश ने नवोदय विद्यालय प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि विद्यालय ने समय रहते उचित उपचार की व्यवस्था नहीं की, जिससे बेटे की हालत बिगड़ती चली गई।
उन्होंने हॉस्टल की खराब व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए। परिजनों के अनुसार—
- हॉस्टल में खिड़की–दरवाजे क्षतिग्रस्त हैं।
- बाथरूम में लगातार पानी बहता रहता है।
- दीवारों में सीपेज है।
- साफ-सफाई की भारी कमी है।
परिजनों का कहना है कि अव्यवस्थित माहौल और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी से छात्रों का स्वास्थ्य खतरे में रहता है। उन्होंने विद्यालय प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
