नगर निगम का ‘एक्शन मोड’: बकाया कर नहीं चुकाने पर जोन 6 में 5 दुकानें सील, वार्ड 58, 60 और 62 में चला प्रशासनिक हंटर…NV News
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रायपुर नगर पालिक निगम के राजस्व विभाग ने ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत बकाया कर वसूली के लिए आज एक बड़ी घेराबंदी की। निगम आयुक्त श्री विश्वदीप और अपर आयुक्त राजस्व श्रीमती कृष्णा खटीक के कड़े निर्देशानुसार, जोन 6 क्षेत्र में उन दुकानदारों के विरुद्ध सीलबंदी की कार्रवाई की गई, जिन्होंने लंबे समय से कर अदायगी नहीं की थी। इस कार्रवाई से व्यावसायिक क्षेत्रों में हड़कंप मच गया है।
जोन 6 कमिश्नर श्री हितेन्द्र यादव के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से वार्ड क्रमांक 58, 60 और 62 में दबिश दी। अभियान के दौरान राजस्व वसूली के लिए दुकानों में ताला लगाकर उन्हें सीलबंद कर दिया गया। विभागीय आंकड़ों के अनुसार, वार्ड 58 क्षेत्र में 3 दुकानें, वार्ड 60 में 1 और वार्ड 62 में 1 दुकान, यानी कुल 5 प्रमुख बकायादारों के व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर ताला जड़ा गया।
सीलबंदी की यह नियमानुसार कड़ी कार्यवाही जोन सहायक राजस्व अधिकारी श्रीमती स्वाती शुक्ला और राजस्व अमले की उपस्थिति में संपन्न हुई। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इन दुकानदारों को पहले भी कई बार नोटिस जारी कर बकाया राशि जमा करने का अवसर दिया गया था, लेकिन उनकी ओर से कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिलने के कारण अंततः कड़ा रुख अपनाना पड़ा।
नगर निगम के अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि राजस्व वसूली अभियान केवल जोन 6 तक सीमित नहीं रहेगा। रायपुर के सभी जोनों में बड़े बकायादारों की सूची तैयार कर ली गई है। निगम का लक्ष्य वित्तीय वर्ष के अंत तक शत-प्रतिशत कर वसूली सुनिश्चित करना है। जो भी बकायादार समय पर टैक्स जमा नहीं करेंगे, उनके खिलाफ संपत्ति कुर्क करने या तालाबंदी करने जैसी कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी।
राजस्व विभाग ने सभी नागरिकों और व्यापारियों से अपील की है कि वे शहर के विकास में अपना योगदान देते हुए समय पर कर भुगतान करें। निगम की इस सख्ती का उद्देश्य राजस्व को बढ़ाना है ताकि शहर की बुनियादी सुविधाओं और विकास कार्यों में तेजी लाई जा सके। फिलहाल, सील की गई दुकानों को तब तक नहीं खोला जाएगा जब तक कि वे अपने संपूर्ण बकाया कर का भुगतान निगम कोष में नहीं कर देते।
