छत्तीसगढ़ में अडानी रेलवे प्रोजेक्ट का भारी विरोध: थाने पहुंचे किसान, बोले- ‘जमीन देने के लिए मिल रही धमकियां’…NV News
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छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में अडानी की रेलवे परियोजना को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। परियोजना के विरोध में बड़ी संख्या में ग्रामीण और किसान सड़क पर उतर आए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि उनकी उपजाऊ कृषि भूमि को जबरन अधिग्रहित करने की कोशिश की जा रही है, जिससे उनके सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। इस विरोध ने अब एक बड़े आंदोलन का रूप ले लिया है।
आक्रोशित किसान अपनी शिकायत लेकर स्थानीय पुलिस थाने पहुंचे। ग्रामीणों का गंभीर आरोप है कि कंपनी के प्रतिनिधि और संबंधित लोग उन्हें जमीन छोड़ने के लिए डरा-धमका रहे हैं। किसानों ने पुलिस को बताया कि उन पर मानसिक दबाव बनाया जा रहा है और विरोध करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी जा रही है। किसानों ने सुरक्षा और न्याय की गुहार लगाई है।
विरोध कर रहे किसानों का कहना है कि जिस जमीन पर रेलवे लाइन बिछाने की योजना है, वह बेहद उपजाऊ है और उनकी आय का एकमात्र साधन है। इसके अलावा, क्षेत्र के पर्यावरण प्रेमी भी इस प्रोजेक्ट का विरोध कर रहे हैं, क्योंकि रेलवे कॉरिडोर के लिए बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई की संभावना है। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि वे अपनी ‘मातृभूमि’ को किसी भी कीमत पर उद्योगपतियों के हवाले नहीं करेंगे।
आंदोलनकारियों का दावा है कि प्रशासन और कंपनी ने नियमानुसार ग्राम सभा की अनुमति नहीं ली है। पेसा कानून (PESA Act) का हवाला देते हुए ग्रामीणों ने कहा कि आदिवासी क्षेत्रों में ग्राम सभा की सहमति अनिवार्य है, जिसे इस परियोजना में नजरअंदाज किया गया है। बिना उचित मुआवजे और बिना सहमति के सर्वे कार्य किए जाने पर ग्रामीणों ने आपत्ति दर्ज कराई है।
किसानों और स्थानीय संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया और धमकियों का सिलसिला बंद नहीं हुआ, तो वे उग्र आंदोलन करेंगे। फिलहाल, पुलिस ने ग्रामीणों की शिकायत दर्ज कर ली है और मामले की जांच का आश्वासन दिया है। इस विवाद के कारण क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है और निर्माण कार्य प्रभावित हो रहा है।
