बस्तर में माओवाद की कमर टूटी: बसव और हिड़मा के बाद अब सिर्फ 10 बड़े माओवादी एक्टिव…NV News

Share this

छत्तीसगढ़ के Bastar में माओवाद का प्रभाव लगातार कमजोर होता नजर आ रहा है। सुरक्षा बलों के लगातार अभियान और दबाव के चलते नक्सल संगठन की ताकत पहले की तुलना में काफी घट गई है।

सूत्रों के अनुसार माओवादी संगठन में अब केवल करीब 10 बड़े और सक्रिय कैडर ही बचे हैं। पहले जहां बस्तर के घने जंगलों में बड़ी संख्या में नक्सली सक्रिय रहते थे, वहीं अब उनकी गतिविधियां काफी सीमित हो गई हैं।

सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि बड़े नक्सली नेताओं के मारे जाने या कमजोर पड़ने से संगठन की कमान भी कमजोर हुई है। खासतौर पर Hidma और Basavaraju जैसे नेताओं के बाद नक्सली संगठन को बड़ा झटका लगा है।

केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने भी पहले नक्सलवाद को खत्म करने की चुनौती दी थी। इसके बाद से सुरक्षाबलों ने बस्तर और आसपास के इलाकों में अभियान तेज कर दिए हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार ऑपरेशन, विकास कार्यों और स्थानीय लोगों के सहयोग से बस्तर में माओवाद का प्रभाव धीरे-धीरे खत्म होता जा रहा है। आने वाले समय में नक्सल गतिविधियों पर और बड़ा असर देखने को मिल सकता है।

Share this

You may have missed