महतारी वंदन योजना की 22वीं किस्त से पहले जरूरी ई-केवाईसी! 69.26 लाख महिलाओं का आधार-बायोमेट्रिक सत्यापन अनिवार्य
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रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने महतारी वंदन योजना (Mahtari Vandan Yojana) की 22वीं किस्त जारी करने से पहले सभी लाभार्थी महिलाओं के लिए ई-केवाईसी (e-KYC) और आधार-बायोमेट्रिक सत्यापन को अनिवार्य कर दिया है। राज्यभर में इस योजना से जुड़ी 69.26 लाख महिलाओं का डिजिटल सत्यापन किया जाएगा।
महिला एवं बाल विकास विभाग (WCD Department) ने सभी जिलों को निर्देश जारी किए हैं कि 22वीं किस्त से पहले हर लाभार्थी का सत्यापन कार्य पूरा किया जाए, अन्यथा किस्त की राशि खाते में ट्रांसफर नहीं होगी।
4.25 लाख महिलाओं का सत्यापन कार्य शुरू:-
जानकारी के अनुसार, पहले चरण में 4.25 लाख महिलाओं का ई-केवाईसी सत्यापन कार्य प्रारंभ किया जा चुका है। इस दौरान पाया गया कि कुछ महिलाओं के आधार लिंक, बैंक खाता विवरण, IFSC कोड या नाम की स्पेलिंग में त्रुटियां हैं, जिसके कारण भुगतान में दिक्कतें आ रही हैं। विभाग ने संबंधित अधिकारियों को ऐसे मामलों को शीघ्र सुधारने के निर्देश दिए हैं।
योजना की पारदर्शिता और असली लाभार्थियों की पहचान पर फोकस:-
राज्य सरकार ने इस पूरी प्रक्रिया को एक ‘शुद्धिकरण अभियान’ (Purification Drive) बताया है। इसका उद्देश्य योजना में फर्जी लाभार्थियों को हटाना और केवल वास्तविक पात्र महिलाओं को लाभ देना है। सरकार का कहना है कि ई-केवाईसी पूरी होने के बाद ही 22वीं किस्त की राशि जारी की जाएगी।
लाभार्थियों के लिए जरूरी निर्देश:-
विभाग ने सभी महिलाओं से अपील की है कि वे जल्द से जल्द निकटतम आंगनवाड़ी केंद्र (Anganwadi Center) या ई-मित्र केंद्र (e-Mitra Center) जाकर अपना ई-केवाईसी और बायोमेट्रिक सत्यापन करवाएं।
इसके लिए उन्हें अपने साथ आधार कार्ड, बैंक पासबुक और पंजीकृत मोबाइल नंबर रखना होगा।
यह प्रक्रिया पूरी तरह निशुल्क (Free of Cost) है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसी एजेंट या बिचौलिए की जरूरत नहीं है, और किसी तरह की फीस या शुल्क नहीं देना होगा।
महतारी वंदन योजना क्या है?
छत्तीसगढ़ की महतारी वंदन योजना महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण और पारिवारिक सहयोग प्रदान करने के उद्देश्य से चलाई जा रही है। हर पात्र महिला को प्रत्येक माह वित्तीय सहायता दी जाती है। अब तक इस योजना की 21 किस्तें जारी की जा चुकी हैं, और 22वीं किस्त जारी करने से पहले सरकार ने लाभार्थियों का सत्यापन शुरू कर दिया है ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
