शिक्षा विभाग में बड़ी गाज: फर्जीवाड़े से ली गई पदोन्नति निरस्त, संयुक्त संचालक की कार्रवाई से महकमे में हड़कंप…NV News

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शिक्षा विभाग में फर्जी दस्तावेजों के सहारे पदोन्नति हासिल करने वाले दो कर्मचारियों पर प्रशासन का चाबुक चला है। संभागीय संयुक्त संचालक ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए दोनों कर्मचारियों की पदोन्नति को अवैध घोषित कर उसे निरस्त (Cancel) कर दिया है। जांच में पाया गया कि इन कर्मचारियों ने पदोन्नति की अर्हता पूरी न होने के बावजूद तथ्यों को छुपाकर या गलत जानकारी देकर प्रमोशन हासिल किया था।

कैसे खुला फर्जीवाड़े का खेल?

रिपोर्ट के अनुसार, विभाग में पदोन्नति सूची जारी होने के बाद कुछ अन्य कर्मचारियों ने आपत्ति दर्ज कराई थी। शिकायतों में आरोप लगाया गया था कि वरिष्ठता सूची और योग्यता मानदंडों को दरकिनार कर इन दो कर्मचारियों को लाभ पहुँचाया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए संयुक्त संचालक ने एक आंतरिक जांच समिति का गठन किया।

जांच के दौरान जब सर्विस बुक और संबंधित दस्तावेजों का मिलान किया गया, तो गंभीर विसंगतियां पाई गईं। इसके बाद संयुक्त संचालक ने नियमानुसार कड़ी कार्रवाई करते हुए पदोन्नति आदेश को रद्द कर दिया।

अब आगे क्या?

रिवर्जन (Reversion): दोनों कर्मचारियों को उनके पुराने मूल पद पर वापस भेज दिया गया है।

वसूली की संभावना: पदोन्नति के दौरान लिए गए अतिरिक्त वेतन और भत्तों की वसूली के लिए भी विभाग विचार कर रहा है।

विभागीय जांच: फर्जीवाड़े में शामिल अन्य लिपिकों या अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है, जिन्होंने इन फाइलों को आगे बढ़ाया था।

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