कांकेर में नक्सलियों को बड़ा झटका: 8 लाख की इनामी महिला कमांडर मासे बारसा ने AK-47 के साथ किया सरेंडर…NV News
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छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में नक्सलवाद के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को एक बार फिर बड़ी सफलता मिली है। उत्तर बस्तर डिवीजन में सक्रिय खूंखार नक्सली लीडर और 8 लाख रुपये की इनामी डीवीसीएम (DVCM) मासे बारसा ने सुरक्षा बलों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि मासे ने अपनी एके-47 राइफल के साथ सरेंडर किया है, जो नक्सली खेमे में उसकी ऊंची हैसियत और संगठन को लगे बड़े झटके को दर्शाता है।
मासे बारसा लंबे समय से उत्तर बस्तर क्षेत्र में नक्सली गतिविधियों का नेतृत्व कर रही थी और कई बड़ी वारदातों में शामिल रही है। पुलिस और सुरक्षा बलों के बढ़ते दबाव और शासन की ‘पुनर्वास नीति’ से प्रभावित होकर उसने मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया। अधिकारियों का मानना है कि इतनी बड़ी कैडर की महिला नक्सली का हथियार डालना यह साफ संकेत देता है कि अब माओवादियों के शीर्ष नेतृत्व से निचले स्तर के लड़ाकों का भरोसा उठ रहा है।
इस सरेंडर के साथ ही उत्तर बस्तर में माओवादी नेटवर्क पूरी तरह से बिखरता नजर आ रहा है। पिछले कुछ महीनों में सुरक्षा बलों ने अंदरूनी इलाकों में नए कैंप स्थापित किए हैं, जिससे नक्सलियों की रसद और सूचना तंत्र कमजोर हो गया है। मासे बारसा ने पूछताछ में संगठन के भीतर हो रहे शोषण और भेदभाव की बात भी स्वीकार की है, जो अन्य सक्रिय नक्सलियों को भी आत्मसमर्पण के लिए प्रेरित कर सकता है।
पुलिस महानिरीक्षक और कांकेर एसपी ने बताया कि आत्मसमर्पित नक्सली को सरकार की नीति के तहत तत्काल सहायता राशि प्रदान की जाएगी और उनके पुनर्वास के उचित प्रबंध किए जाएंगे। सुरक्षा बलों ने एक बार फिर अपील की है कि भटके हुए युवा हिंसा का रास्ता छोड़कर विकास की मुख्यधारा से जुड़ें। इस घटना के बाद सुरक्षा बल अब उत्तर बस्तर के उन इलाकों में ऑपरेशन तेज कर रहे हैं जहाँ अभी भी नक्सली मौजूदगी की सूचना है।
