बस्तर में बड़ा प्रहार: दंतेवाड़ा-बीजापुर सीमा पर 5 लाख का इनामी माओवादी ढेर; SLR और इंसास समेत हथियारों का जखीरा बरामद…NV News

Share this

दंतेवाड़ा/बीजापुर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बस्तर संभाग में सुरक्षाबलों का दबदबा कायम है। आज, 5 मार्च 2026 को दंतेवाड़ा और बीजापुर जिले की सरहद पर हुई एक भीषण मुठभेड़ में जवानों ने 5 लाख रुपये के इनामी माओवादी को मार गिराया है। मारे गए माओवादी की पहचान राजेश पुनेम के रूप में हुई है, जो प्रतिबंधित संगठन की भैरमगढ़ एरिया कमेटी का सक्रिय सदस्य (ACM) था। मुठभेड़ के बाद मौके से आधुनिक हथियारों की बरामदगी ने सुरक्षाबलों की इस कार्रवाई को और भी महत्वपूर्ण बना दिया है।

ऑपरेशन की पूरी कहानी:

पुलिस को 3 मार्च को सटीक खुफिया जानकारी मिली थी कि गीदम थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम गुमलनार, गिरसापारा और नेलगोड़ा के जंगली पहाड़ों में माओवादियों ने हथियारों और रसद का एक बड़ा ‘डंप’ छुपा रखा है। सूचना के आधार पर DRG (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड) और बस्तर फाइटर्स की एक संयुक्त टीम को रवाना किया गया। 4 मार्च की रात जब जवान इलाके की घेराबंदी कर रहे थे, तभी 8-10 हथियारबंद माओवादियों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। जवानों ने पहले उन्हें आत्मसमर्पण की चेतावनी दी, लेकिन फायरिंग जारी रहने पर जवाबी कार्रवाई की गई, जिसमें राजेश पुनेम मारा गया।

बरामदगी और सफलता:

मुठभेड़ स्थल की सघन तलाशी के दौरान पुलिस को निम्नलिखित हथियार और सामग्री मिली है:

1 SLR राइफल और 1 इंसास (INSAS) राइफल

1 पिस्टल (मैगजीन सहित)

1 वॉकी-टॉकी सेट

SLR की मैगजीन और 6 जिंदा कारतूस

भारी मात्रा में माओवादी साहित्य और विस्फोटक सामग्री

दंतेवाड़ा एसपी गौरव राय ने पुष्टि की है कि मारा गया माओवादी राजेश पुनेम बीजापुर के गंगालूर इलाके का रहने वाला था और उस पर कई आपराधिक मामले दर्ज थे। सुरक्षाबलों के लिए यह बड़ी राहत की बात है कि इस ऑपरेशन में कोई भी जवान हताहत नहीं हुआ है। गृह मंत्रालय द्वारा निर्धारित 31 मार्च 2026 की डेडलाइन से पहले नक्सलियों के खिलाफ यह एक निर्णायक प्रहार माना जा रहा है।

Share this

You may have missed