Illegal paddy seized: मुंगेली में बड़ी कार्यवाही, खाद्य विभाग–मंडी की संयुक्त टीम ने 400 क्विंटल से अधिक अवैध धान जब्त किया- NV News

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N.V.News मुंगेली: Illegal paddy seized: जिले में धान खरीदी सीजन शुरू होने से पहले प्रशासन ने अवैध धान भंडारण और कालाबाजारी पर सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर कुन्दन कुमार (Collector Kundan Kumar) के निर्देश पर खाद्य विभाग और मंडी की संयुक्त टीम ने बुधवार को जिलेभर के गल्ला व्यापारियों के प्रतिष्ठानों पर छापामार कार्रवाई की। इस कार्रवाई में 400 क्विंटल से अधिक पुराना और बिना दस्तावेज का धान जब्त किया गया। प्रशासन ने इसे आगामी खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया है, ताकि अवैध गतिविधियों पर समय रहते नियंत्रण पाया जा सके।

कलेक्टर के निर्देश पर कार्यवाही:

कलेक्टर कुन्दन कुमार ने कुछ दिन पूर्व सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए थे कि जिले में अवैध धान की खरीद-फरोख्त, भंडारण और परिवहन पर सख्त निगरानी रखी जाए। इसी निर्देश के पालन में खाद्य विभाग और मंडी विभाग की टीमों ने बुधवार को कई स्थानों पर संयुक्त निरीक्षण किया। टीम ने पथरिया, लोरमी और मुंगेली क्षेत्र के गल्ला व्यापारियों के प्रतिष्ठानों पर दबिश दी।

बिना दस्तावेज के पाया गया धान:

निरीक्षण के दौरान कई व्यापारियों के गोदामों में पुराने और बिना वैध दस्तावेज के धान पाया गया। अधिकारियों ने बताया कि यह धान नियमों के विपरीत संग्रहित किया गया था, जिसके चलते इसे मंडी अधिनियम के तहत जब्त कर लिया गया है। सभी संबंधित संचालकों को नोटिस जारी कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

प्रमुख स्थानों पर हुई जब्ती:

संयुक्त टीम ने कई प्रतिष्ठानों से बड़ी मात्रा में धान जब्त किया है। प्रमुख जब्ती इस प्रकार है—

ओम ट्रेडिंग, पथरिया: संचालक पार्वती डड़सेना के यहां से 112 क्विंटल धान जब्त।

– डड़सेना ट्रेडर्स, पथरिया: संचालक मेलाराम डड़सेना से 97 क्विंटल धान बरामद।

– संजय फूड ग्रेन, सारधा लोरमी: 150 क्विंटल धान जब्त।
– दुर्गा ट्रेडर्स, मुंगेली: 22 क्विंटल धान जब्त।

– रंगनाथ श्रीवास, डोंगरिया लोरमी: 50 क्विंटल धान जब्त।

इस तरह कुल 400 क्विंटल से अधिक अवैध धान को जब्त कर लिया गया। अधिकारियों के अनुसार, इन सभी स्थानों पर धान का भंडारण बिना किसी वैध अभिलेख या लाइसेंस के किया गया था।

मंडी अधिनियम के तहत होगी कार्रवाई

खाद्य विभाग और मंडी अधिकारियों ने बताया कि जब्त किए गए धान पर मंडी अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है। जहां-जहां अनियमितताएं पाई गई हैं, वहां संचालकों के खिलाफ नियमानुसार दंडात्मक कार्यवाही होगी। इसमें जुर्माना, लाइसेंस निलंबन या निरस्तीकरण जैसी कार्रवाई भी शामिल हो सकती है।

प्रशासन की अपील:

जिला प्रशासन ने गल्ला व्यापारियों और किसानों से अपील की है कि वे धान की खरीदी, बिक्री और भंडारण केवल वैध दस्तावेजों के साथ ही करें। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि आगामी खरीफ विपणन वर्ष में किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधिकारी लगातार निगरानी रखेंगे ताकि सरकारी समर्थन मूल्य योजना के तहत खरीदी प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से संपन्न हो सके।

इस सख्त कार्रवाई से जिला प्रशासन ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि अवैध धान भंडारण और कालाबाजारी करने वालों पर अब सख्त कार्रवाई होगी, ताकि किसानों को उनका उचित लाभ मिल सके और शासन की नीतियों का सही क्रियान्वयन हो सके।

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