बड़ी कार्रवाई: PMGSY के चीफ इंजीनियर का जाति प्रमाण पत्र निकला फर्जी, हाई पावर कमेटी ने किया अवैध घोषित; अब बर्खास्तगी तय!…NV News
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रायपुर : छत्तीसगढ़ में ‘फर्जी जाति प्रमाण पत्र’ मामले में राज्य सरकार ने एक और बड़ी मछली पर शिकंजा कसा है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के मुख्य अभियंता (Chief Engineer) के खिलाफ उच्च स्तरीय प्रमाणीकरण छानबीन समिति (High Power Caste Scrutiny Committee) ने अपना अंतिम फैसला सुना दिया है। जांच में पाया गया है कि संबंधित अधिकारी ने अनुसूचित जाति (SC) का गलत प्रमाण पत्र बनवाकर न केवल नौकरी हासिल की, बल्कि सालों तक पदोन्नति का लाभ भी लिया।
समिति की रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारी द्वारा प्रस्तुत किए गए वंशावली और दस्तावेज अनुसूचित जाति की पात्रता शर्तों को पूरा नहीं करते हैं। इस खुलासे के बाद अब अधिकारी के खिलाफ बर्खास्तगी की तलवार लटक गई है। राज्य शासन के नियमों के मुताबिक, फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर सरकारी सेवा में रहने वाले किसी भी कर्मचारी या अधिकारी को तत्काल प्रभाव से सेवामुक्त करने का प्रावधान है। साथ ही, अब तक प्राप्त किए गए वेतन और भत्तों की वसूली तथा आपराधिक मामला (FIR) दर्ज करने की प्रक्रिया भी शुरू की जा सकती है।
यह मामला तब सामने आया जब कुछ सामाजिक संगठनों और शिकायतकर्ताओं ने अधिकारी की जाति की सत्यता पर सवाल उठाते हुए साक्ष्य पेश किए थे। वर्षों चली लंबी कानूनी और प्रशासनिक जांच के बाद अब दूध का दूध और पानी का पानी हो गया है। इस कार्रवाई ने विभाग के उन अन्य अधिकारियों के बीच भी बेचैनी पैदा कर दी है, जो संदिग्ध दस्तावेजों के सहारे उच्च पदों पर आसीन हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी के मामलों में किसी को बख्शा नहीं जाएगा।
