छत्तीसगढ़ में अवैध धान परिवहन पर बड़ी कार्रवाई: 1.51 लाख क्विंटल धान जब्त, सीमावर्ती जिलों में सख्त निगरानी
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रायपुर। छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी शुरू होने से पहले ही अवैध रूप से संग्रहीत और परिवहन होकर राज्य में प्रवेश करने वाले धान पर प्रशासन द्वारा कड़ी निगरानी रखी जा रही है। 1 नवंबर से 6 दिसंबर तक प्रदेश के विभिन्न जिलों से कुल 1,51,809 क्विंटल अवैध धान जब्त किया गया है।
राज्य सरकार और मार्कफेड ने सीमावर्ती जिलों में विशेष चेकपोस्ट स्थापित किए हैं, साथ ही कलेक्टरों की अध्यक्षता में टास्कफोर्स गठित की गई हैं, ताकि अन्य राज्यों से होने वाली धान की अवैध आमद पर रोक लगाई जा सके। इसके अलावा, समर्थन मूल्य पर धान खरीदी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से लगातार रियल-टाइम मॉनिटरिंग की जा रही है।
सबसे ज्यादा जब्ती महासमुंद में
मार्कफेड द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार, मंडी अधिनियम 1972 के तहत कार्यवाही करते हुए विभिन्न जिलों से अवैध धान जब्त किया गया है, जिसमें प्रमुख हैं—
महासमुंद – 25,718 क्विंटल
धमतरी – 23,859 क्विंटल
रायगढ़ – 21,331 क्विंटल
राजनांदगांव – 14,977 क्विंटल
बलरामपुर – 9,771 क्विंटल
बेमेतरा – 6,490 क्विंटल
कवर्धा – 5,734 क्विंटल
बालोद – 4,595 क्विंटल
सारंगढ़-बिलाईगढ़ – 3,770 क्विंटल
जशपुर – 2,771 क्विंटल
सूरजपुर – 2,650 क्विंटल
दुर्ग – 2,350 क्विंटल
रायपुर – 1,679 क्विंटल
इसके अलावा अन्य जिलों में भी बड़ी मात्र में धान जब्त किया गया है।
जीरो टॉलरेंस पॉलिसी लागू
शासन ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि धान खरीदी में किसी भी प्रकार की अनियमितता या अवैध परिवहन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सीमावर्ती इलाकों में अलर्ट सिस्टम और पुलिस-प्रशासन की त्वरित कार्रवाई के कारण अवैध आमद पर प्रभावी नियंत्रण हासिल हुआ है।
रियल-टाइम मॉनिटरिंग से बढ़ी पारदर्शिता
खाद्य विभाग अनुसार, मार्कफेड द्वारा खरीदी प्रणाली की निगरानी के लिए एकीकृत कंट्रोल सेंटर बनाया गया है, जो प्रदेशभर की गतिविधियों पर रियल-टाइम नजर रख रहा है। साथ ही पुलिस और जिला प्रशासन लगातार
निगरानी कर अवैध धान परिवहन को रोक रहे हैं।
