Magh Month Importance: माघ महीने में क्यों अचानक इतना जरूरी हो जाता है तिल? धर्म और आयुर्वेद का ये रहस्य जानकर चौंक जाएंगे
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Magh Month Importance, माघ मास को साल का सबसे ठंडा महीना माना जाता है। इस दौरान ठंड के कारण शीतजनित रोगों का खतरा बढ़ जाता है और शरीर में वात दोष भी असंतुलित हो जाता है। ऐसे समय में धर्म शास्त्र और आयुर्वेद दोनों ही तिल के सेवन और उपयोग को विशेष महत्व देते हैं।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मकर संक्रांति, तिल द्वादशी, गणेश चतुर्थी और षटतिला एकादशी जैसे पर्वों में तिल से स्नान, दान, पूजा और भोजन करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। माना जाता है कि जो लोग नदी स्नान नहीं कर पाते, वे घर पर ही तिल मिश्रित जल से स्नान करें तो उन्हें भी संक्रांति का पूर्ण फल प्राप्त होता है।
माघ में क्यों बढ़ता है वात दोष?
Winter Health Tips, माघ माह की तीव्र ठंड के कारण शरीर में वात दोष बढ़ जाता है, जिससे सूखापन, जोड़ों में दर्द, थकान और कमजोरी जैसी समस्याएं उत्पन्न होती हैं। आयुर्वेद के अनुसार तिल की तासीर गर्म और तैलीय होती है, जो वात दोष को संतुलित कर शरीर को राहत प्रदान करती है।
षटतिला: तिल के छह पावन प्रयोग
Magh Snan Rules, धर्म ग्रंथों में माघ मास में तिल के छह प्रकार से उपयोग का वर्णन मिलता है, जिसे षटतिला कहा जाता है—
1. तिल मिले जल से स्नान
2. शरीर पर तिल का लेप
3. हवन में तिल की आहुति
4. ब्राह्मण या जरूरतमंद को तिल दान
5. व्रत में तिल से बने व्यंजन का सेवन
6. तिल मिश्रित जल से पितरों का तर्पण
इन सभी उपायों से शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक शुद्धि मानी जाती है।
आयुर्वेद में तिल क्यों कहलाता है ‘सर्वदोष हारा’?
Til Benefits, आयुर्वेदाचार्यों के अनुसार तिल को ‘सर्वदोष हारा’ कहा गया है। यह वात और कफ दोष को नियंत्रित करता है, हालांकि पित्त को थोड़ा बढ़ा सकता है, इसलिए गर्मियों में इसका सीमित सेवन उचित माना जाता है।
तिल में कैल्शियम, आयरन, विटामिन ई और एंटीऑक्सीडेंट्स प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। नियमित सेवन या तिल के तेल से मालिश करने से हड्डियां मजबूत होती हैं, दांत स्वस्थ रहते हैं और बालों का झड़ना कम होता है।
सेहत के लिए भी वरदान है तिल
Magh Snan Rules, तिल पाचन तंत्र को मजबूत करता है, कब्ज और गैस-एसिडिटी से राहत दिलाता है। तिल का तेल त्वचा को नमी देता है, घाव भरने में मदद करता है और एंटी-एजिंग गुणों से त्वचा को स्वस्थ और युवा बनाए रखता है। माघ माह में तिल का सेवन न केवल धार्मिक पुण्य देता है, बल्कि संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत लाभकारी माना जाता है।
