छत्तीसगढ़ का नया टूरिज्म हब बनेगा लोरमी: मास्टरप्लान तैयार, कलेक्टर ने दिए भूमि विवादों को तत्काल सुलझाने के निर्देश….NV News

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NV News मुंगेली: छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में स्थित लोरमी जल्द ही प्रदेश के प्रमुख पर्यटन मानचित्र पर चमकने वाला है। राज्य सरकार और जिला प्रशासन ने लोरमी की प्राकृतिक सुंदरता और ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए इसे एक बड़े टूरिज्म हब के रूप में विकसित करने का मास्टरप्लान तैयार कर लिया है। कलेक्टर ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना को गति देने के लिए संबंधित विभागों की बैठक ली और स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि योजना की राह में आ रहे किसी भी तरह के भूमि विवादों को प्राथमिकता के आधार पर तत्काल सुलझाया जाए।

तैयार किए गए मास्टरप्लान के तहत लोरमी के पर्यटन स्थलों का सुंदरीकरण, बुनियादी ढांचों का विकास और पर्यटकों के लिए आधुनिक सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। इसमें वॉटर स्पोर्ट्स, ईको-टूरिज्म और एडवेंचर पार्क जैसी सुविधाओं को शामिल करने की योजना है। प्रशासन का मानना है कि इस पहल से न केवल लोरमी की सूरत बदलेगी, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। लोरमी का खुड़िया बांध और अचानकमार टाइगर रिजर्व से सटा इलाका इसे पर्यटन की दृष्टि से बेहद खास बनाता है।

कलेक्टर ने राजस्व अधिकारियों को कड़े लहजे में कहा है कि पर्यटन स्थलों के आसपास की सरकारी जमीनों पर हुए अतिक्रमण को हटाया जाए और जो जमीनें विवादित हैं, उनका निराकरण 15 दिनों के भीतर किया जाए। मास्टरप्लान में सड़कों के चौड़ीकरण और बेहतर कनेक्टिविटी पर भी विशेष जोर दिया गया है, ताकि रायपुर और बिलासपुर जैसे शहरों से आने वाले पर्यटकों को कोई असुविधा न हो। प्रशासन की इस सक्रियता से इलाके के लोगों में विकास की नई उम्मीद जगी है।

लोरमी को टूरिज्म हब बनाने की इस कवायद से मुंगेली जिले की पूरी अर्थव्यवस्था को बूस्ट मिलने की उम्मीद है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने भी इस फैसले का स्वागत किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि मास्टरप्लान को समय सीमा के भीतर लागू किया गया, तो लोरमी छत्तीसगढ़ का ‘मिनी गोवा’ या प्रमुख एडवेंचर डेस्टिनेशन बनकर उभर सकता है। फिलहाल, सभी विभागों ने अपनी-अपनी रिपोर्ट तैयार कर ली है और जल्द ही धरातल पर काम शुरू होने वाला है।

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