छत्तीसगढ़ में भूमि डायवर्सन अब ऑनलाइन: एसडीएम दफ्तर के चक्कर खत्म, 15 दिन में मिलेगा आदेश
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रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने भूमि स्वामियों और किसानों को बड़ी राहत देते हुए भूमि डायवर्सन प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया है। अब जमीन के डायवर्सन के लिए लोगों को एसडीएम कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। भूमि स्वामी सरकारी पोर्टल के माध्यम से घर बैठे ही आवेदन कर सकेंगे।
राज्य के राजस्व विभाग ने इस नई व्यवस्था की अधिसूचना शनिवार को राजपत्र में प्रकाशित कर दी है। नई प्रणाली के तहत नगर निगम, नगर पालिका, नगर पंचायत और ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि डायवर्सन के लिए सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति की आवश्यकता नहीं होगी।
ऑनलाइन आवेदन संबंधित जिले के एसडीएम के पास पहुंचेगा और एसडीएम को 15 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से आदेश जारी करना होगा। यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर आदेश पारित नहीं किया गया, तो 16वें दिन सिस्टम के माध्यम से आदेश स्वतः मान्य हो जाएगा।
सरकार का कहना है कि इस ऑनलाइन व्यवस्था से भूमि डायवर्सन प्रक्रिया में पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित होगी। साथ ही लंबित मामलों में कमी आएगी और अघोषित लेन-देन पर भी प्रभावी नियंत्रण संभव होगा।
नई व्यवस्था के तहत प्रीमियम दरें भी निर्धारित कर दी गई हैं। नगर निगम और नगरपालिका क्षेत्रों में प्रीमियम दरें तीन रुपए से 25 रुपए प्रति वर्गमीटर तक होंगी। ये दरें भूमि उपयोग के प्रकार जैसे आवासीय, कॉलोनी परियोजना, वाणिज्यिक, औद्योगिक, मिश्रित उपयोग, सार्वजनिक, संस्थागत, चिकित्सा सुविधाएं और विशेष आर्थिक क्षेत्र के अनुसार अलग-अलग तय की गई हैं।
सरकार का दावा है कि यह कदम ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के भूमि स्वामियों के लिए बड़ी राहत साबित होगा और भूमि से जुड़े कार्यों में अब देरी और अनावश्यक परेशानियों से निजात मिलेगी।
