सुप्रीम कोर्ट से कवासी लखमा को मिली बड़ी राहत: अंतरिम जमानत मंजूर, लेकिन छत्तीसगढ़ में एंट्री पर रहेगी पाबंदी; जानें कोर्ट की शर्तें…NV News
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छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में जेल में बंद पूर्व आबकारी मंत्री और वर्तमान कांग्रेस विधायक कवासी लखमा को सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम जमानत दे दी है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जोयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम. पांचोली की पीठ ने मंगलवार (3 फरवरी 2026) को यह फैसला सुनाया। कोर्ट ने लखमा की लंबे समय से चली आ रही न्यायिक हिरासत और ट्रायल की धीमी गति (हजारों गवाहों की लंबी सूची) को देखते हुए व्यक्तिगत स्वतंत्रता के आधार पर उन्हें राहत प्रदान की है। कवासी लखमा जनवरी 2025 से प्रवर्तन निदेशालय (ED) और फिर ईओडब्ल्यू (EOW) की कस्टडी में थे।
भले ही सुप्रीम कोर्ट ने लखमा को जेल से बाहर आने का रास्ता साफ कर दिया है, लेकिन उन पर कड़ी शर्तें थोपी गई हैं। कोर्ट के आदेश के अनुसार, लखमा को छत्तीसगढ़ राज्य की सीमाओं से बाहर रहना होगा। उन्हें केवल अदालती कार्यवाहियों में शामिल होने के लिए ही छत्तीसगढ़ में प्रवेश की अनुमति होगी, जिसके लिए उन्हें सुनवाई से कम से कम एक दिन पहले पहुंचना होगा। कोर्ट ने लखमा के वकील की उस दलील को भी स्वीकार नहीं किया जिसमें उन्हें विधायक होने के नाते विधानसभा सत्र में शामिल होने के लिए राज्य में रहने की छूट मांगी गई थी।
अदालत ने जमानत की शर्तों को लेकर स्पष्ट किया कि कवासी लखमा को अपना पासपोर्ट विशेष अदालत में जमा करना होगा और वे देश से बाहर नहीं जा सकेंगे। साथ ही, उन्हें अपना वर्तमान पता और मोबाइल नंबर जांच एजेंसियों (ED/EOW) को देना होगा, जिसे वे बिना कोर्ट की सूचना के बदल नहीं सकेंगे। कोर्ट ने यह भी हिदायत दी है कि वे गवाहों को प्रभावित करने या सबूतों के साथ छेड़छाड़ करने की कोई कोशिश नहीं करेंगे। इन शर्तों का उल्लंघन करने पर उनकी जमानत तत्काल रद्द की जा सकती है।
इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस खेमे में खुशी की लहर है, जबकि कानूनी जानकारों का मानना है कि राज्य से बाहर रहने की शर्त लखमा के लिए एक बड़ा राजनीतिक झटका भी हो सकती है, क्योंकि वे अपने निर्वाचन क्षेत्र और समर्थकों से सीधे तौर पर दूर रहेंगे। शराब घोटाले के इस मामले में ईडी ने लखमा पर करोड़ों रुपये के अवैध कमीशन और सिंडिकेट को संरक्षण देने के गंभीर आरोप लगाए हैं। फिलहाल, जमानत के आदेश के बाद अब लखमा के जेल से बाहर आने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
