Tourism News: राजेश अग्रवाल ने सिद्धेश्वर महादेव और संकट मोचन हनुमान मंदिर में की पूजा, भोरमदेव कॉरिडोर की भी समीक्षा….NV News

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NV News रायपुर, 21 सितंबर 2026। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कवर्धा के ऐतिहासिक रानी सागर तालाब परिसर स्थित सिद्धेश्वर महादेव मंदिर और संकट मोचन हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना एवं जलाभिषेक किया। उन्होंने प्रदेशवासियों के सुख, शांति, समृद्धि, अच्छे स्वास्थ्य और जनकल्याण की कामना की।

धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण पर जोर

राजेश अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान प्राकृतिक सुंदरता के साथ-साथ इसकी धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत से भी जुड़ी है। भोरमदेव और कवर्धा क्षेत्र आस्था, इतिहास और संस्कृति की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं।

उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थलों के संरक्षण के साथ आधुनिक पर्यटन सुविधाओं का विस्तार किया जाना जरूरी है, ताकि श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलें और स्थानीय स्तर पर रोजगार तथा आर्थिक गतिविधियों के अवसर बढ़ें।

भोरमदेव कॉरिडोर की प्रगति की समीक्षा

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के साथ भोरमदेव कॉरिडोर विकास परियोजना की प्रगति और आगामी कार्ययोजनाओं की समीक्षा के लिए कवर्धा पहुंचे हैं। समीक्षा के दौरान निर्माण एवं विकास कार्यों की वर्तमान स्थिति और परियोजना के अगले चरण की कार्ययोजना पर चर्चा की जाएगी।

145.99 करोड़ रुपये की परियोजना से विकास को गति

केंद्र सरकार के पर्यटन मंत्रालय की स्वदेश दर्शन 2.0 योजना के तहत कबीरधाम के भोरमदेव कॉरिडोर के विकास के लिए 145.99 करोड़ रुपये की परियोजना स्वीकृत है। कॉरिडोर के माध्यम से पर्यटन सुविधाओं के विस्तार और आसपास के प्रमुख पर्यटन स्थलों को एक समग्र पर्यटन अनुभव से जोड़ने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।

राजेश अग्रवाल ने कहा कि भोरमदेव केवल धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यहां मंदिरों की स्थापत्य कला, धार्मिक परंपराओं, प्राकृतिक सौंदर्य और स्थानीय संस्कृति को एक साथ अनुभव किया जा सकता है।

स्थानीय लोगों को मिलेंगे रोजगार और स्वरोजगार के अवसर

कॉरिडोर के विकास से पर्यटन गतिविधियों के विस्तार के साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है। होटल, होम-स्टे, स्थानीय परिवहन, हस्तशिल्प, पारंपरिक खान-पान और स्थानीय उत्पादों से जुड़े लोगों को पर्यटकों की आवाजाही का लाभ मिल सकता है।

मंत्री ने कहा कि पर्यटन विकास का उद्देश्य केवल पर्यटकों की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि स्थानीय समुदायों को भी पर्यटन गतिविधियों से जोड़ना है। स्थानीय कला, संस्कृति, हस्तशिल्प और पारंपरिक उत्पादों को पर्यटन से जोड़कर आय के नए अवसर तैयार करने पर जोर दिया जाएगा।

आस्था, संस्कृति और पर्यटन का संगम

रानी सागर तालाब परिसर में पूजा-अर्चना के दौरान मंत्री ने छत्तीसगढ़ में धार्मिक पर्यटन की संभावनाओं पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि भोरमदेव जैसे स्थलों का विकास आस्था, इतिहास, संस्कृति और पर्यटन को एक साथ जोड़ने का माध्यम बन सकता है।

भोरमदेव कॉरिडोर के जरिए श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ स्थानीय लोगों को पर्यटन आधारित गतिविधियों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

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