कर्नाटक DGP रामचंद्र राव सस्पेंड: ऑफिस में ‘अश्लील हरकत’ का वीडियो वायरल होने के बाद गिरी गाज, अधिकारी ने आरोपों को नकारा…NV News
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बेंगलुरु: कर्नाटक पुलिस विभाग में उस समय हड़कंप मच गया जब नागरिक अधिकार प्रवर्तन (DCRE) के महानिदेशक (DGP) डॉ. के. रामचंद्र राव का एक कथित आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इस वीडियो में वरिष्ठ अधिकारी अपनी वर्दी में आधिकारिक कक्ष (Official Chamber) के भीतर एक महिला के साथ कथित तौर पर अंतरंग स्थिति में दिखाई दे रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए कर्नाटक सरकार ने सोमवार, 19 जनवरी 2026 की रात उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
निलंबन आदेश में कहा गया है कि अधिकारी का आचरण एक सरकारी सेवक की गरिमा के प्रतिकूल (Conduct Unbecoming of a Government Servant) है और इससे सरकार की छवि धूमिल हुई है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने स्पष्ट किया है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और मामले की विस्तृत जांच के आदेश दे दिए गए हैं। यह कार्रवाई अखिल भारतीय सेवा (आचरण) नियमावली, 1968 के नियम 3 के तहत की गई है।
मामले के मुख्य बिंदु (News Highlights):
वीडियो की सामग्री: वायरल वीडियो में अधिकारी को अपने कार्यालय में ड्यूटी के दौरान एक महिला के साथ आपत्तिजनक व्यवहार करते देखा गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह वीडियो कार्यालय में लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों से लीक हुआ हो सकता है।
अधिकारी की सफाई: DGP रामचंद्र राव ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने वीडियो को “फर्जी और मनगढ़ंत” (Fabricated and False) बताया है। उनका दावा है कि यह वीडियो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) या मॉर्फिंग के जरिए तैयार किया गया है ताकि उनकी छवि खराब की जा सके।
पुरानी रंजिश का दावा: मीडिया से बात करते हुए राव ने संकेत दिया कि यह वीडियो लगभग 8 साल पुराना हो सकता है जब वह बेलगावी में तैनात थे, हालांकि उन्होंने इसमें खुद के होने से इनकार किया है। उन्होंने इस मामले में कानूनी सलाह लेने की बात भी कही है।
विवादों से पुराना नाता: रामचंद्र राव का नाम पिछले साल उनकी सौतेली बेटी और कन्नड़ अभिनेत्री राण्या राव (Ranya Rao) से जुड़े करोड़ों के सोना तस्करी (Gold Smuggling) मामले में भी उछला था, जिसके बाद उन्हें अनिवार्य अवकाश पर भेजा गया था।
निलंबन की शर्तें: निलंबन की अवधि के दौरान, रामचंद्र राव को बिना अनुमति के मुख्यालय छोड़ने की मनाही है और उन्हें नियमानुसार निर्वाह भत्ता (Subsistence Allowance) दिया जाएगा।
