न्यायपालिका लोकतंत्र का तीसरा और सबसे भरोसेमंद स्तंभ: मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रशिक्षु न्यायाधीशों को दीं शुभकामनाएँ…NV News
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रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज रायपुर में राज्य के प्रशिक्षु न्यायाधीशों (Trainee Judges) के एक दल से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने कहा कि न्यायपालिका केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय पहुँचाने का एक पवित्र माध्यम है। लोकतंत्र के सुचारू संचालन में कार्यपालिका और विधायिका के साथ-साथ न्यायपालिका की भूमिका सबसे निर्णायक होती है।
मुख्यमंत्री के संबोधन की 3 प्रमुख बातें
आम जनता का विश्वास: मुख्यमंत्री ने कहा कि जब व्यक्ति हर जगह से हार जाता है, तो वह न्याय की उम्मीद में न्यायालय की शरण में जाता है। प्रशिक्षु न्यायाधीशों को यह सुनिश्चित करना होगा कि वे इस विश्वास को और मजबूत करें।
संवैधानिक मूल्यों की रक्षा: उन्होंने युवा न्यायाधीशों को संविधान की मर्यादा और निष्पक्षता के साथ कार्य करने की सीख दी। उन्होंने कहा कि न्याय की कुर्सी पर बैठने वाला व्यक्ति केवल तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर सत्य का साथ देने के लिए प्रतिबद्ध होता है।
महत्वपूर्ण भूमिका: मुख्यमंत्री ने उन्हें लोकतंत्र के ‘तीसरे स्तंभ’ के रूप में उनकी भावी चुनौतियों और समाज के प्रति उनके उत्तरदायित्वों से अवगत कराया।
प्रशिक्षु न्यायाधीशों का उत्साह
मुलाकात के दौरान प्रशिक्षु न्यायाधीशों ने मुख्यमंत्री के साथ अपने प्रशिक्षण के अनुभव साझा किए। मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की ओर से न्यायपालिका को हर संभव सहयोग और बुनियादी ढांचा (Infrastructure) उपलब्ध कराने का आश्वासन भी दिया।
