जांजगीर: पुलिसिया पूछताछ के बाद संदिग्ध परिस्थितियों में युवक की मौत; ‘थर्ड डिग्री’ के आरोप में शव सड़क पर रख परिजनों ने किया चक्काजाम…NV News

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जांजगीर-चांपा/शिवरीनारायण। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में पुलिस की कार्यप्रणाली एक बार फिर संगीन आरोपों के घेरे में है। शिवरीनारायण थाना क्षेत्र के एक युवक की पुलिस पूछताछ के बाद अचानक तबीयत बिगड़ी और अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतक के परिजनों ने पुलिस पर गंभीर शारीरिक प्रताड़ना और ‘थर्ड डिग्री’ इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। इस घटना से आक्रोशित होकर सैकड़ों ग्रामीणों और परिजनों ने मुख्य मार्ग पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया है, जिससे आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है।

क्या है पूरा घटनाक्रम?

जानकारी के अनुसार, पुलिस ने किसी मामले में संदेह के आधार पर युवक को पूछताछ के लिए थाने बुलाया था। परिजनों का दावा है कि जब युवक थाने से बाहर निकला, तो उसकी हालत बेहद खराब थी। उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उसकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने पूछताछ के दौरान उसे बेरहमी से पीटा, जिससे उसके आंतरिक अंगों में गंभीर चोटें आईं। मृतक के शरीर पर नीले निशान और चोटें होने की बात भी सामने आ रही है, जिसने पुलिसिया बर्बरता के आरोपों को हवा दे दी है।

सड़क पर उतरा जनाक्रोश:

युवक की मौत की खबर फैलते ही शिवरीनारायण-खरौद मार्ग पर भारी भीड़ जमा हो गई। परिजनों ने इंसाफ की मांग को लेकर शव को बीच सड़क पर रख दिया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि:

दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ तत्काल हत्या का मामला (धारा 103 BNS) दर्ज हो।

मामले की न्यायिक जांच (Judicial Inquiry) कराई जाए।

पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए।

प्रशासनिक हलचल:

बढ़ते तनाव को देखते हुए इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और प्रदर्शनकारियों को शांत कराने की कोशिश कर रहे हैं। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि पोस्टमार्टम की प्रक्रिया डॉक्टरों के पैनल द्वारा वीडियोग्राफी के साथ कराई जाएगी ताकि मौत की असली वजह सामने आ सके। हालांकि, ग्रामीण दोषियों की गिरफ्तारी तक हटने को तैयार नहीं हैं।

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