Inspiration Story: माता-पिता खोए, रिसॉर्ट में सफाई की नौकरी… अब ‘खेलो इंडिया’ में जीता सिल्वर, संघर्ष से सफलता की मिसाल…NV News
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NV News – संघर्ष और मेहनत की एक प्रेरणादायक कहानी सामने आई है, जहां विपरीत परिस्थितियों से लड़ते हुए एक बेटी ने ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026’ में रजत पदक जीतकर सबका दिल जीत लिया। यह कहानी है असम की पहलवान देबी दाइमारी की, जिन्होंने अपने जीवन के कठिन दौर को अपनी ताकत बना लिया।
देबी दाइमारी ने मात्र 7 साल की उम्र में अपने माता-पिता को खो दिया था। इसके बाद उनका पालन-पोषण रिश्तेदारों ने किया, लेकिन आर्थिक तंगी ने उनके सपनों को बार-बार चुनौती दी।
अपने खेल के खर्च उठाने के लिए देबी ने छोटे-छोटे काम किए। कभी दुकान में नौकरी की तो कभी रिसॉर्ट में सफाई का काम किया। दिनभर काम करने के बाद भी वह शाम को अभ्यास के लिए समय निकालती थीं।
साल 2022 में उन्होंने कुश्ती की शुरुआत की और लगातार मेहनत के दम पर खुद को साबित किया। इसी मेहनत का परिणाम रहा कि उन्होंने छत्तीसगढ़ में आयोजित ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स’ में महिलाओं की 62 किलोग्राम कुश्ती में रजत पदक अपने नाम किया।
देबी की कहानी उन सभी युवाओं के लिए प्रेरणा है जो कठिन हालात में अपने सपनों को छोड़ देते हैं। उन्होंने साबित कर दिया कि अगर इरादे मजबूत हों, तो कोई भी मुश्किल रास्ता सफलता की मंजिल तक पहुंचने से नहीं रोक सकता।
