इंडिगो ने DGCA से मांगा समय विस्तार: उड़ान रद्दीकरण पर बढ़ा विवाद, 400 फ्लाइटें फिर रद्द
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नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी निजी एयरलाइन इंडिगो एक बार फिर विवादों में घिर गई है। उड़ान नेटवर्क में बड़े पैमाने पर आई तकनीकी और स्टाफिंग अव्यवस्था के बाद नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने 6 दिसंबर को एयरलाइन को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। अब इंडिगो ने इस नोटिस का जवाब देने के लिए अतिरिक्त समय की मांग की है।
रात 8 बजे तक देना था जवाब, मांगा समय विस्तार
इंडिगो ने पुष्टि की कि उसे DGCA का नोटिस मिला है और उसने विस्तृत जवाब दाखिल करने के लिए समय बढ़ाने का अनुरोध किया है। एयरलाइन के अकाउंटेबल मैनेजर व मुख्य परिचालन अधिकारी इसिड्रे पोर्केरास ओरिया ने DGCA को पत्र लिखकर 8 दिसंबर शाम 6 बजे तक का समय मांगा।
सरकार ने यह मांग स्वीकार करते हुए समयसीमा बढ़ा दी है। उल्लेखनीय है कि DGCA ने इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स को 24 घंटे के भीतर जवाब देने का आदेश दिया था।
DGCA का आरोप—योजना और प्रबंधन में गंभीर चूक
नियामक ने एयरलाइन पर आरोप लगाया कि नए लागू हुए फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) नियमों के अनुपालन के लिए इंडिगो पर्याप्त तैयारी नहीं कर पाई।
नोटिस के अनुसार:
स्टाफिंग और रोस्टरिंग की उचित व्यवस्था नहीं की गई
परिचालन की निगरानी कमजोर रही
विमान नियम 1937 (नियम 42A) का उल्लंघन हुआ
यात्रियों को रद्दीकरण/देरी की स्थिति में जरूरी सुविधाएं नहीं दी गईं
DGCA ने स्पष्ट कहा कि यह सब यात्री अधिकार नियमों का उल्लंघन है।
यात्रियों की देखभाल में विफलता
नियामक ने कहा कि इंडिगो प्रभावित यात्रियों को
भोजन व ठहराव
रिफंड
वैकल्पिक उड़ान
उचित समय पर सूचना
जैसी सुविधाएं देने में असफल रही।
यदि एयरलाइन समय पर जवाब नहीं देती, तो DGCA एकतरफा कार्रवाई करने को स्वतंत्र होगा।
रविवार को भी 400 फ्लाइटें रद्द
परिचालन संकट लगातार जारी है। रविवार को इंडिगो ने कम से कम 400 उड़ानें रद्द कीं, जिससे हजारों यात्री हवाई अड्डों पर फंसे रहे।
यात्रियों की बढ़ती शिकायतों को देखते हुए:
एयरलाइन ने सभी रद्द टिकटों पर ऑटो-रिफंड की घोषणा की
5 से 15 दिसंबर तक यात्रा के लिए रद्दीकरण/री-शेड्यूलिंग शुल्क माफ किया
मंत्रालय ने 7 दिसंबर रात 8 बजे तक सभी लंबित रिफंड जारी करने का आदेश दिया
इंडिगो ने कहा कि वह 10 दिसंबर तक नेटवर्क को स्थिर करने का लक्ष्य रखती है।
मुख्य हवाई अड्डों पर सबसे ज्यादा असर
दिल्ली
हैदराबाद
कोलकाता
इन प्रमुख एयरपोर्ट्स पर उड़ानों की रद्दीकरण दर सबसे अधिक रही। नए FDTL नियमों को संभालने के लिए एयरलाइन लगभग 1,650 उड़ानें संचालित करने की तैयारी में है।
