Hunger strike for cow protection: गौवंश संरक्षण की मांग को लेकर मुंगेली में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल, कांग्रेस नेता इंद्रजीत सिंह कुर्रे के नेतृत्व में आंदोलन शुरू -NV News
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N.V.News मुंगेली: Hunger strike for cow protection: जिले में गौवंशों की बदहाल स्थिति और सरकारी उपेक्षा के खिलाफ बुधवार को गौ सेवा कल्याण समिति (गौ सेवा धाम) के तत्वावधान में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल (Hunger Strike) शुरू हो गई। यह भूख हड़ताल कांग्रेस पार्टी के अनुसूचित जाति जिला अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह कुर्रे के नेतृत्व में पुराना बस स्टैंड, मुंगेली (Mungeli District) में सुबह 10 बजे से प्रारंभ हुई। आंदोलन में बड़ी संख्या में गौ सेवक और स्थानीय नागरिक शामिल हुए।

भूख हड़ताल की प्रमुख मांगों में घायल एवं बीमार गौवंशों के लिए 24×7 सर्व-सुविधायुक्त पशु चिकित्सालय की स्थापना, दुर्घटनाग्रस्त एवं बीमार गौवंशों के त्वरित उपचार हेतु विशेष रेस्क्यू वाहन की व्यवस्था तथा शहर में सर्व-सुविधायुक्त गौशाला का निर्माण शामिल है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इन बुनियादी सुविधाओं के अभाव में सड़कों पर घायल और बीमार गौवंश तड़प-तड़प कर दम तोड़ रहे हैं, जो एक सभ्य समाज और जिम्मेदार सरकार के लिए शर्मनाक है।
भूख हड़ताल के दौरान सभा को संबोधित करते हुए इंद्रजीत सिंह कुर्रे ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि मुंगेली जिले से केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, प्रदेश के उपमुख्यमंत्री अरुण साव और भाजपा के कद्दावर नेता व विधायक पुन्नूलाल मोहले जैसे बड़े नेता आते हैं। इसके अलावा प्रदेश में भाजपा की सरकार है, फिर भी न तो जिले में और न ही प्रदेश में गौकांशी पर प्रभावी रोक लग पाई है। यह दर्शाता है कि भाजपा की कथनी और करनी में बड़ा अंतर है।

इंद्रजीत सिंह कुर्रे ने आरोप लगाया कि भाजपा ने हमेशा गाय माता के नाम पर राजनीति की है, लेकिन जब गौ माता के संरक्षण, रखरखाव और समुचित देखभाल की बात आती है तो सरकार पूरी तरह विफल नजर आती है। उन्होंने कहा कि सड़कों पर गौवंश दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं, बीमार गौवंशों को समय पर इलाज नहीं मिल पा रहा है और कोई स्थायी व्यवस्था न होने के कारण उनकी मौत हो रही है। यह स्थिति अत्यंत निंदनीय है और इसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता।

गौ सेवा कल्याण समिति के सदस्यों ने बताया कि उन्होंने कई बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपकर समस्याओं की ओर ध्यान दिलाया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसी वजह से मजबूर होकर उन्हें अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जैसा कठोर कदम उठाना पड़ा है। समिति ने स्पष्ट किया कि जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
भूख हड़ताल स्थल पर गौवंश संरक्षण से जुड़े पोस्टर और बैनर लगाए गए हैं, जिनमें सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग की गई है। आंदोलनकारियों ने यह भी चेतावनी दी कि यदि शासन-प्रशासन ने जल्द संज्ञान नहीं लिया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
स्थानीय नागरिकों ने भी इस आंदोलन का समर्थन करते हुए कहा कि गौवंशों की दुर्दशा किसी एक संगठन या पार्टी का नहीं, बल्कि पूरे समाज का मुद्दा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार जनभावनाओं को समझते हुए जल्द से जल्द ठोस कदम उठाएगी और भूख हड़ताल को समाप्त कराने की दिशा में पहल करेगी।
