रायगढ़ में मानवता शर्मसार: मूक-बधिर नाबालिग से दुष्कर्म, 7 महीने की गर्भवती होने पर खुला दरिंदगी का राज…NV News

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छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक 16 वर्षीय मूक-बधिर नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म का मामला प्रकाश में आया है। पीड़िता फिलहाल सात महीने की गर्भवती है। इस घिनौने अपराध का खुलासा तब हुआ जब नाबालिग की तबीयत बिगड़ने लगी और परिजनों ने उसे अस्पताल पहुँचाया। शारीरिक परीक्षण के दौरान जब डॉक्टरों ने उसके गर्भवती होने की पुष्टि की, तो परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। मूक-बधिर होने के कारण पीड़िता अपनी पीड़ा किसी से साझा नहीं कर सकी, जिसका फायदा आरोपी ने लंबे समय तक उठाया।

परिजनों की शिकायत पर रायगढ़ पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया। चूंकि पीड़िता बोल और सुन नहीं सकती, इसलिए पुलिस को उसका बयान दर्ज करने के लिए विशेषज्ञों और साइन लैंग्वेज (इशारों की भाषा) के जानकारों की मदद लेनी पड़ी। पीड़िता ने इशारों के माध्यम से आरोपी की पहचान की, जिसके बाद पुलिस ने दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि आरोपी पीड़िता का परिचित ही है, जिसने उसकी शारीरिक लाचारी का फायदा उठाकर इस कुकृत्य को अंजाम दिया।

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) और दुष्कर्म की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। रायगढ़ एसपी ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए फास्ट ट्रैक जांच के निर्देश दिए गए हैं। पीड़िता को वर्तमान में उचित चिकित्सा देखरेख और मनोवैज्ञानिक परामर्श (Counseling) दिया जा रहा है। सात महीने का गर्भ होने के कारण पीड़िता की जान का जोखिम भी बढ़ गया है, जिसे देखते हुए जिला अस्पताल के डॉक्टरों की एक विशेष टीम उसकी निगरानी कर रही है।

इस घटना ने स्थानीय प्रशासन और महिला बाल विकास विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। विशेष आवश्यकता वाले बच्चों (Specially-abled) की सुरक्षा के दावों के बीच ऐसी वारदातें समाज को झकझोर देती हैं। स्थानीय सामाजिक संगठनों ने आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा देने और पीड़िता के परिवार को उचित मुआवजा व सुरक्षा प्रदान करने की मांग की है। पुलिस का कहना है कि वे चालान जल्द से जल्द कोर्ट में पेश करेंगे ताकि पीड़िता को त्वरित न्याय मिल सके।

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