Holi 2026: होली पर हलवाई जैसी खस्ता मठरी बनाने का सीक्रेट; शेफ ने बताया आटा गूंथने का सही तरीका…NV News
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होली का त्योहार बिना मठरी और गुझिया के अधूरा माना जाता है। अक्सर लोग शिकायत करते हैं कि घर पर बनी मठरी हलवाई जैसी खस्ता नहीं बनती या वो सख्त हो जाती है। इस समस्या को दूर करने के लिए शेफ ने कुछ खास सीक्रेट टिप्स साझा किए हैं, जिन्हें अपनाकर आप इस होली अपने मेहमानों को बाजार जैसी कुरकुरी और परतदार मठरी का स्वाद चखा सकते हैं। मठरी का सारा खेल उसे तलने में नहीं, बल्कि उसका आटा तैयार करने की तकनीक में छिपा होता है।
शेफ के अनुसार, सबसे महत्वपूर्ण कदम ‘मोयन’ (Moiyan) का सही अनुपात है। मैदा गूंथते समय उसमें शुद्ध घी का मोयन डालें और तब तक मिलाएं जब तक कि मैदा मुट्ठी में बंधने न लगे। इसके साथ ही अजवायन, काली मिर्च और कसूरी मेथी को हाथों से रगड़कर डालें, जिससे मठरी में लाजवाब खुशबू आती है। याद रखें, खस्तापन लाने के लिए तेल की जगह घी का इस्तेमाल करना ज्यादा बेहतर परिणाम देता है।
आटा गूंथने का सबसे बड़ा ट्विस्ट (Twist) यह है कि इसे कभी भी बहुत ज्यादा न मसलें और न ही बहुत नरम गूंथें। मठरी का आटा हमेशा सख्त होना चाहिए और इसे गूंथने के लिए गुनगुने पानी का इस्तेमाल करें। आटे को सिर्फ इतना ही जोड़ें कि वह एक साथ आ जाए; उसे रोटी के आटे की तरह चिकना करने की गलती बिल्कुल न करें। आटे में रहने वाली दरारें ही मठरी को तलते समय उसे अंदर से खस्ता और जालीदार बनाती हैं।
आटा तैयार होने के बाद इसे कम से कम 20 से 30 मिनट के लिए गीले कपड़े से ढककर रेस्ट (Rest) दें। तलते समय ध्यान रहे कि तेल मध्यम गरम हो और मठरियों को हमेशा धीमी आंच पर ही तलें। धीमी आंच पर धीरे-धीरे पकने से मठरी अंदर तक सिकती है और ठंडी होने के बाद भी उसका कुरकुरापन बना रहता है। इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखकर आप घर बैठे ही पेशेवर हलवाई जैसा स्वाद पा सकते हैं।
