हेल्थ अलर्ट: क्या है ‘डार्क शॉवरिंग’? अनिद्रा से परेशान लोगों के लिए वरदान साबित हो रहा है यह वायरल ट्रेंड…NV News
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लाइफस्टाइल डेस्क: अगर आप रात भर बिस्तर पर करवटें बदलते रहते हैं और नींद आपसे कोसों दूर रहती है, तो ‘डार्क शॉवरिंग’ आपके लिए गेम-चेंजर साबित हो सकती है। आजकल इंटरनेट पर बिना किसी खर्चे वाले इस तरीके की खूब चर्चा हो रही है। आइए जानते हैं आखिर यह क्या है और विज्ञान इस बारे में क्या कहता है।
क्या है ‘डार्क शॉवरिंग’ (What is Dark Showering)?
जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है, ‘डार्क शॉवरिंग’ का अर्थ है बिल्कुल अंधेरे में नहाना। इसमें बाथरूम की लाइटें बंद कर दी जाती हैं (या बहुत हल्की मोमबत्ती का उपयोग किया जाता है) और शांत वातावरण में गुनगुने पानी से स्नान किया जाता है।
यह नींद लाने में कैसे मदद करता है?
विशेषज्ञों के अनुसार, इसके पीछे कई मनोवैज्ञानिक और शारीरिक कारण हैं:
मेलाटोनिन का स्तर (Melatonin Boost): हमारे शरीर में नींद के लिए जिम्मेदार हार्मोन ‘मेलाटोनिन’ अंधेरे में ज्यादा सक्रिय होता है। कृत्रिम लाइट बंद करने से मस्तिष्क को संकेत मिलता है कि अब सोने का समय हो गया है।
सेंसरी रिलैक्सेशन (Sensory Relaxation): अंधेरे में नहाने से हमारी आंखों और दिमाग को विजुअल स्टिम्युलेशन (Visual Stimulation) से राहत मिलती है, जिससे मानसिक थकान कम होती है।
तनाव में कमी (Stress Relief): बहते पानी की आवाज और अंधेरा एक ध्यान (Meditation) जैसा माहौल बनाता है, जो कोर्टिसोल (तनाव हार्मोन) के स्तर को कम करता है।
शरीर का तापमान: नहाने के बाद जब शरीर का तापमान धीरे-धीरे कम होता है, तो यह प्राकृतिक रूप से गहरी नींद लाने में सहायक होता है।
डार्क शॉवरिंग के दौरान बरतें ये सावधानियां
सुरक्षा का ध्यान: चूंकि आप अंधेरे में होंगे, इसलिए फिसलन वाली जगहों से सावधान रहें। बाथरूम में एंटी-स्लिप मैट का उपयोग करें।
हल्की रोशनी: यदि बिल्कुल अंधेरे में डर लगता है, तो बाथरूम के बाहर की लाइट ऑन रखें या एक हल्की ‘नाइट लैंप’ का प्रयोग करें।
पानी का तापमान: पानी न तो बहुत ज्यादा गर्म हो और न ही बहुत ठंडा। हल्का गुनगुना पानी सबसे बेहतर है।
विशेषज्ञ की राय
“आजकल हम सोने से पहले मोबाइल की ‘ब्लू लाइट’ के संपर्क में बहुत ज्यादा रहते हैं। डार्क शॉवरिंग उस डिजिटल थकान को मिटाने का एक बेहतरीन तरीका है। यह न केवल नींद सुधारता है बल्कि एंग्जायटी (Anxiety) कम करने में भी मदद करता है।”
