मातम में बदली खुशियां: ड्यूटी पर जा रहे दीपेंद्र की सड़क हादसे में दर्दनाक मौत, परिवार के इकलौते चिराग का बुझा सहारा…NV News
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एक तरफ जहाँ पूरा परिवार दीपेंद्र के काम पर जाने की तैयारी और भविष्य के सपनों में मशगूल था, वहीं नियति को कुछ और ही मंजूर था। घर से खाना खाकर अपनी ड्यूटी के लिए निकले दीपेंद्र की सड़क दुर्घटना में असामयिक मौत हो गई। यह हादसा उस वक्त हुआ जब वह अपने कार्यस्थल की ओर जा रहे थे, तभी रास्ते में एक अज्ञात वाहन (या अनियंत्रित स्थिति) की चपेट में आने से उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। इस खबर के मिलते ही मृतक के घर में कोहराम मच गया और क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
मृतक दीपेंद्र अपने परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य था। पिता की उम्र और घर की आर्थिक स्थिति को देखते हुए पूरे परिवार की जिम्मेदारी दीपेंद्र के ही कंधों पर थी। वह न केवल एक जिम्मेदार बेटा था, बल्कि अपनी कड़ी मेहनत से परिवार को एक बेहतर जीवन देने की कोशिश कर रहा था। उसकी अचानक मौत ने न केवल एक जान ली है, बल्कि उस पूरे परिवार के भविष्य पर भी प्रश्नचिह्न लगा दिया है जो उसकी कमाई पर आश्रित था।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसा इतना भीषण था कि वाहन के परखच्चे उड़ गए। स्थानीय लोगों की मदद से दीपेंद्र को अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि दुर्घटना के सही कारणों और इसमें संलिप्त अन्य वाहनों का पता लगाया जा सके।
इस घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों की अनदेखी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। दीपेंद्र जैसे न जाने कितने युवा हर साल इन हादसों का शिकार होकर अपने पीछे बिलखते परिवार छोड़ जाते हैं। स्थानीय ग्रामीणों और परिजनों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार के लिए आर्थिक सहायता और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल, दीपेंद्र का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव में किया जाएगा, जहाँ हर आंख नम है।
