जुआ नेटवर्क सक्रिय: लोकेशन बदलने की रणनीति से पुलिस के हाथ खाली, बाहरी जिलों के जुआड़ी भी शामिल

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जांजगीर-चांपा जिले में पिछले कुछ समय से विभिन्न थाना क्षेत्रों में जुआ गतिविधियों में तेजी देखने को मिल रही है। हाल ही में पीसौद क्षेत्र में जुआ का वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय पुलिस कार्रवाई के मोड में आई थी। इसी दौरान मुलमुला पुलिस ने दबिश देकर 13 हजार रुपये से अधिक नकदी जब्त की थी और 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इसके बावजूद जिले में जुआ नेटवर्क पूरी तरह थमने का नाम नहीं ले रहा है।

अकलतरा थाना क्षेत्र बना जुआ संचालन का नया हब

सूत्रों के अनुसार अकलतरा थाना क्षेत्र में लाखों रुपये के दांव लगाए जाने की जानकारी लगातार सामने आ रही है। यहां तक कि मस्तूरी, सिपत और आसपास के इलाकों से भी जुआड़ी अकलतरा पहुंच रहे हैं। बताया जाता है कि यह नेटवर्क अपनी गतिविधियों को जारी रखने के लिए प्रतिदिन स्थान बदलने की रणनीति अपनाता है ताकि पुलिस को भ्रमित किया जा सके।

जंगलों और सीमावर्ती क्षेत्रों में चलता है ‘हाई-स्टेक्स’ जुआ

सूत्रों से यह भी जानकारी मिली है कि कोटमी सोनार के जंगलों, चंगोरी और अन्य सीमावर्ती इलाकों में अलग-अलग दिनों में जुआ खेला जा रहा है। इन इलाकों में पुलिस की पहुँच मुश्किल हो जाती है, जिससे जुआ संचालकों को छिपने का मौका मिलता है।

क्यों मुश्किल हो जाती है पुलिस कार्रवाई?

जुआ संचालक रोज़ाना लोकेशन बदलते हैं, जिससे ठिकाना स्थिर नहीं रहता।

सीमावर्ती क्षेत्रों में जुआ होने पर बाहरी जिलों की पुलिस कार्रवाई नहीं कर पाती।

स्थानीय स्तर पर सूचना लीक होने की शिकायतें भी सामने आई हैं, जिससे पुलिस टीम पहुँचने से पहले ही स्थान खाली हो जाता है।

 

पुलिस पर आरोप, लेकिन पुष्टि नहीं

कुछ लोगों का कहना है कि जुआ खेलने वालों से संरक्षण शुल्क लिए जाने की चर्चा भी चल रही है। आरोपों की जद में अकलतरा थाना और कोटमी सोनार सहायता केन्द्र के कुछ पदाधिकारी भी बताए जा रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

पुलिस प्रशासन ने कहा है कि मामले की जांच की जा रही है और अवैध गतिविधियों के खिलाफ लगातार अभियान जारी रहेगा।

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