जिला पंचायत उपाध्यक्ष पर FIR: बीच सड़क ट्रक रोककर ‘दादागिरी’ का आरोप, एफएसएल टीम से बदसलूकी पड़ी भारी…NV News
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दंतेवाड़ा जिले की राजनीति में उस वक्त हड़कंप मच गया जब जिला पंचायत उपाध्यक्ष और भाजपा नेता अरविंद कुंजाम के खिलाफ पुलिस ने गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया। यह पूरी घटना भांसी थाना क्षेत्र के सातधार चौक पर शनिवार को घटित हुई, जहां उपाध्यक्ष पर बीच सड़क यातायात बाधित करने और शासकीय कार्य में बाधा डालने का आरोप लगा है। पुलिस को मिली शिकायत के अनुसार, अरविंद कुंजाम ने अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर मुख्य मार्ग पर एक ट्रक को जबरन रुकवाया और चालक के साथ विवाद करने लगे। इस हंगामे की वजह से सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और आम राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
विवाद उस समय और बढ़ गया जब उसी मार्ग से गुजर रही फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम ने यातायात सुचारु करने का प्रयास किया। आरोप है कि उपाध्यक्ष ने एफएसएल की टीम के साथ न केवल दुर्व्यवहार किया, बल्कि उनके साथ गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी भी दी। इस दौरान पुलिस ने हस्तक्षेप करने की कोशिश की, लेकिन हंगामा शांत होने के बजाय और बढ़ता गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, भाजपा नेता का व्यवहार काफी आक्रामक था, जिसके चलते काफी देर तक क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी रही।
भांसी पुलिस ने मामले की गंभीरता और सरकारी टीम से की गई बदसलूकी को देखते हुए अरविंद कुंजाम के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। पुलिस ने उन पर शासकीय कार्य में बाधा डालने, गाली-गलौज करने और धमकी देने के संबंध में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। दंतेवाड़ा पुलिस प्रशासन का कहना है कि कानून सबके लिए बराबर है और किसी भी जनप्रतिनिधि को कानून हाथ में लेने या सरकारी अधिकारियों के साथ अभद्रता करने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
उल्लेखनीय है कि अरविंद कुंजाम का विवादों से पुराना नाता रहा है और उन पर पहले भी इस तरह के आरोप लग चुके हैं। इस कार्रवाई के बाद जिले में सियासी चर्चाएं तेज हो गई हैं, जहां एक ओर विपक्ष इसे सत्ता के अहंकार का परिणाम बता रहा है, वहीं भाजपा संगठन की ओर से अब तक इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। फिलहाल, पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और गवाहों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।
