महासमुंद में नक्सलवाद का अंत! 25 लाख का इनामी कमांडर ‘विकास’ और 14 साथियों ने डाले हथियार, 9 महिलाएं भी शामिल…NV News
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रायपुर: छत्तीसगढ़ में नक्सल उन्मूलन अभियान को अब तक की सबसे बड़ी सफलताओं में से एक मिली है। महासमुंद जिले में सक्रिय खतरनाक नक्सली कमांडर ‘विकास’, जिस पर 25 लाख रुपये का इनाम घोषित था, उसने अपने 14 अन्य साथियों के साथ पुलिस और जिला प्रशासन के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है। समर्पण करने वाले दल में 9 महिला नक्सली भी शामिल हैं, जो लंबे समय से संगठन के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही थीं।
क्यों अहम है ‘विकास’ का सरेंडर?
इनामी राशि: विकास पर अकेले 25 लाख का इनाम था, जो उसकी संगठन में ऊंची रैंक और संलिप्तता को दर्शाता है।
रणनीतिक चोट: विकास क्षेत्र में नक्सली नेटवर्क की रीढ़ माना जाता था। उसके सरेंडर से महासमुंद और ओडिशा सीमा पर नक्सली गतिविधियां लगभग ठप हो सकती हैं।
मुख्यधारा में वापसी: आत्मसमर्पित नक्सलियों ने बताया कि वे संगठन के भीतर हो रहे शोषण और सुरक्षा बलों के बढ़ते दबाव के कारण मुख्यधारा में लौटना चाहते थे।
पुनर्वास और सुरक्षा
महासमुंद एसपी ने बताया कि सभी 15 नक्सलियों को शासन की ‘पुनर्वास नीति’ के तहत तत्काल सहायता राशि और अन्य सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए कौशल विकास का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस सफलता पर पुलिस बल को बधाई देते हुए कहा कि “नक्सल मुक्त छत्तीसगढ़” का लक्ष्य अब और करीब है।
