हाथी का तांडव: उपार्जन केंद्र में घुसे दंतैल ने मंडी प्रभारी को कुचला, मौके पर ही मौत; पत्नी ने झाड़ियों में छिपकर बचाई जान…NV News

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कांकेर/रायपुर। छत्तीसगढ़ के जंगलों से सटे इलाकों में हाथियों का खौफ कम होने का नाम नहीं ले रहा है। बीती रात कांकेर जिले के एक धान उपार्जन केंद्र (मंडी) में एक विशालकाय दंतैल हाथी ने अचानक धावा बोल दिया। हाथी ने वहां ड्यूटी पर तैनात मंडी प्रभारी पर जानलेवा हमला करते हुए उन्हें बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया। इस रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना के समय प्रभारी की पत्नी भी उनके साथ थीं, जिन्होंने सूझबूझ दिखाते हुए अंधेरे में भागकर और झाड़ियों में छिपकर अपनी जान बचाई। हाथी के इस हिंसक व्यवहार से पूरे क्षेत्र में मातम और दहशत का माहौल है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हाथी अचानक उपार्जन केंद्र की फेंसिंग तोड़कर अंदर घुसा और वहां रखे सामान को तहस-नहस करने लगा। शोर सुनकर जब मंडी प्रभारी बाहर निकले, तो हाथी ने उन्हें अपनी सूंड से जकड़ लिया और जमीन पर पटक कर पैर से कुचल दिया। पत्नी ने अपने पति को बचाने की कोशिश की, लेकिन हाथी के आक्रामक तेवर देख उन्हें पीछे हटना पड़ा और वे भागकर दूर झाड़ियों में दुबक गईं। ग्रामीणों के इकट्ठा होने और शोर मचाने के बाद हाथी जंगल की ओर लौट गया। सूचना मिलते ही वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुँची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।

वन विभाग ने मृतक के परिजनों को तत्काल सहायता राशि देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, लेकिन ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति भारी रोष है। ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों का दल पिछले कई दिनों से इलाके में घूम रहा है, बावजूद इसके सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए। वन विभाग ने अब आसपास के 10 गांवों में ‘हाई अलर्ट’ जारी कर दिया है और मुनादी कराकर लोगों को रात में घरों से बाहर न निकलने की चेतावनी दी है। हाथियों और इंसानों के बीच बढ़ते इस खूनी संघर्ष ने एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

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