हाथियों का तांडव: आधी रात को घर और स्कूल की दीवारें कीं जमींदोज, जान बचाकर भागे ग्रामीण; इलाके में भारी दहशत…NV News

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NV News- सरगुजा। छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग में मानव-हाथी द्वंद्व (Human-Elephant Conflict) थमने का नाम नहीं ले रहा है। बीती रात हाथियों के एक दल ने सरगुजा के ग्रामीण अंचल में जमकर उत्पात मचाया। हाथियों ने न केवल ग्रामीणों के घरों को क्षतिग्रस्त किया, बल्कि एक सरकारी स्कूल की दीवारें भी तहस-नहस कर दीं। हाथियों के इस हिंसक रुख से ग्रामीणों में भारी दहशत है और कई परिवारों ने अपना घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर शरण ली है। वन विभाग की टीमें हाथियों की निगरानी कर रही हैं, लेकिन ग्रामीण अब भी खतरे के साये में जीने को मजबूर हैं।

जानकारी के अनुसार, हाथियों का दल देर रात रिहायशी इलाके में दाखिल हुआ और अनाज की तलाश में घरों पर हमला बोल दिया। हाथियों ने ग्रामीणों के घरों की दीवारों को ढहा दिया और अंदर रखा सारा अनाज चट कर गए। इसके बाद हाथियों ने पास ही स्थित प्राथमिक स्कूल को निशाना बनाया और उसे काफी नुकसान पहुँचाया। गनीमत रही कि यह हमला रात के समय हुआ जब स्कूल खाली था, वरना एक बड़ा हादसा हो सकता था। ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों की चिंघाड़ सुनकर वे अपनी जान बचाकर टॉर्च और मशालों के सहारे जंगल की दूसरी ओर भागे।

वन विभाग ने प्रभावित इलाके में अलर्ट जारी किया है और ग्रामीणों को जंगल की ओर न जाने की सलाह दी है। विभाग ने हाथियों द्वारा किए गए नुकसान का आकलन (Survey) शुरू कर दिया है ताकि प्रभावितों को जल्द से जल्द मुआवजा प्रदान किया जा सके। हालांकि, ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग की गश्त केवल कागजों तक सीमित है और हाथियों को रिहायशी इलाकों से दूर रखने के लिए कोई ठोस पुख्ता इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं। वर्तमान में हाथियों का दल पास के जंगल में ही डेरा डाले हुए है, जिससे लोग रात भर जागकर पहरा देने को मजबूर हैं।

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