छत्तीसगढ़ में शिक्षकों पर दोहरी बेगारी: SIR ड्यूटी और नए प्रशिक्षण आदेश से पढ़ाई प्रभावित, बोर्ड परीक्षाओं पर मंडरा रहा खतरा
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रायपुर। छत्तीसगढ़ में शिक्षकों की लंबे समय से जारी बेगारी और काम के बोझ के बीच अब एक नया आदेश सामने आया है। एसआईआर ड्यूटी में लगे शिक्षकों को अब स्कूल कैंपस में मवेशियों को हटाने से लेकर प्रशिक्षण तक का अतिरिक्त बोझ झेलना पड़ रहा है। इसी बीच विभागीय प्रशिक्षण की नई शुरुआत ने शिक्षक संगठनों को चिंता में डाल दिया है, क्योंकि इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई पर गंभीर असर पड़ रहा है, खासकर बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों पर।
राज्य में डीपीआई, समग्र शिक्षा और एससीईआरटी द्वारा बोर्ड परीक्षा परिणाम सुधारने के लिए लगातार समीक्षा बैठकें हो रही हैं। माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा प्रश्नपत्र के ब्लूप्रिंट से लेकर अंकों के नए निर्धारण तक कई बदलाव लागू किए जा रहे हैं। इसके साथ ही प्रत्येक जिले में मिशन 90 प्लस, मिशन 100 और मिशन 80 प्लस जैसे कार्यक्रमों के तहत अलग-अलग टास्क दिए जा रहे हैं।
लेकिन इसी बीच 5 सितंबर 2025 को शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश में प्रशिक्षण पर रोक लगाई गई थी, जिसे अनदेखा करते हुए कई जिलों में डाइट संस्थानों ने प्रशिक्षण शुरू कर दिया है। पेंड्रा में संचालित प्रशिक्षण इसके प्रमुख उदाहरणों में से एक है। इससे बोर्ड परीक्षाओं पर नकारात्मक प्रभाव की आशंका जताई जा रही है।
छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा ने इस मामले में गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने मांग की है कि बोर्ड परीक्षा के मद्देनज़र इन प्रशिक्षणों पर तत्काल रोक लगाई जाए, अन्यथा खराब परीक्षा परिणाम की जिम्मेदारी प्रशिक्षण कराने वाली संस्थाओं की होगी।
डाइट का नया आदेश: 8 दिसंबर से 10 जनवरी तक ट्रेनिंग
डाइट ने प्राथमिक कक्षाओं के शिक्षकों के लिए नई पाठ्यपुस्तकों पर प्रशिक्षण आयोजित करने का आदेश जारी किया है।
यह प्रशिक्षण 8 दिसंबर से 10 जनवरी तक चलेगा।
1वीं से 3वीं तक पाँच दिन, और 4वीं-5वीं के शिक्षकों के लिए भी पाँच दिन का प्रशिक्षण निर्धारित है।
संभाग के 6863 शिक्षकों को इसमें शामिल किया जाना है।
समय सुबह 9:30 बजे से शाम 5 बजे तक तय किया गया है।
लेकिन आधे से अधिक शिक्षक इस समय SIR में BLO ड्यूटी में लगे हुए हैं, जहाँ 11 दिसंबर तक घर-घर से गणना पत्रक एकत्रित कर ऑनलाइन अपलोड करना उनकी जिम्मेदारी है। ऐसे में शिक्षकों के सामने दोनों जिम्मेदारियों को निभाना चुनौती बन गई है।
शिक्षकों की बढ़ती परेशानी
शिक्षकों का कहना है कि लगातार प्रशिक्षण के चलते बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। दिसंबर में छमाही परीक्षा आयोजित होनी है, लेकिन SIR कार्य, BLO अपलोडिंग और अब प्रशिक्षण के बोझ के बीच परीक्षा की तैयारी मुश्किल होती जा रही है।
राज्य परियोजना कार्यालय का स्पष्ट आदेश
समग्र शिक्षा, छत्तीसगढ़ द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि शिक्षा मंत्री की समीक्षा बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि बिना अनुमति कोई भी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित न किया जाए।
इसके बावजूद जारी किए गए इन प्रशिक्षण आदेशों को लेकर विभाग में सवाल उठ रहे हैं।
