Dantewada School News: बच्चों को बिना नाप के बांटे जूते, 181 विद्यार्थियों को साइज की परेशानी; NMDC की CSR योजना पर सवाल..NV News
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NV News दंतेवाड़ा, 12 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में राष्ट्रीय खनिज विकास निगम (NMDC) की कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) योजना के तहत स्कूली बच्चों को बांटे जा रहे जूतों के साइज को लेकर सवाल उठने लगे हैं। ग्राम पंचायत भांसी के शासकीय स्कूल में 181 बच्चों को बिना पैरों का नाप लिए जूते वितरित किए जाने की जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि कई बच्चों को उनके पैरों से दो से तीन नंबर तक बड़े जूते मिले हैं, जिससे उन्हें चलने में परेशानी हो रही है।
भांसी पंचायत में 181 बच्चों को मिले जूते
जानकारी के अनुसार, NMDC की CSR योजना के तहत प्रभावित पंचायतों के स्कूलों में बच्चों को जूते और मोजे उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को जरूरी सामग्री उपलब्ध कराना है। हालांकि, ग्राम पंचायत भांसी के शासकीय स्कूल में जूते वितरण के बाद उनके साइज को लेकर समस्या सामने आई है। बच्चों को सही नाप के जूते नहीं मिलने से योजना के क्रियान्वयन और वितरण प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं।
12 पंचायतों के स्कूलों में होना है वितरण
इस योजना के तहत जिले की कुल 12 पंचायतों के स्कूलों में जूते और मोजे बांटे जाने हैं। इनमें से पहली पंचायत भांसी में 181 बच्चों को जूते वितरित किए जा चुके हैं। यहां साइज संबंधी परेशानी सामने आने के बाद बाकी 11 पंचायतों में होने वाले वितरण को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। अब यह चिंता जताई जा रही है कि यदि बच्चों के पैरों का नाप लिए बिना जूते बांटे गए, तो अन्य स्कूलों के विद्यार्थियों को भी इसी तरह की परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
आगे वितरण से पहले बच्चों के पैरों का नाप लेने की मांग
स्थानीय स्तर पर मांग की जा रही है कि बाकी पंचायतों में जूते बांटने से पहले प्रत्येक बच्चे के पैर का सही नाप लिया जाए। इसके बाद उसी के अनुसार जूते उपलब्ध कराए जाएं, ताकि बच्चों को चलने में परेशानी न हो और योजना का लाभ सही तरीके से मिल सके।
फिलहाल इस मामले में NMDC या संबंधित अधिकारियों का आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है। अब यह देखना होगा कि शेष पंचायतों में वितरण के दौरान साइज संबंधी समस्या दूर करने के लिए क्या व्यवस्था अपनाई जाती है और भांसी के बच्चों की परेशानी के समाधान के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।

