धान खरीदी से पहले संकट! नेता प्रतिपक्ष महंत ने डॉटा एंट्री ऑपरेटरों की हड़ताल पर सीएम को लिखा पत्र, वेतन–नियमितिकरण की उठाई मांग
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रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने धान उपार्जन केन्द्रों में कार्यरत डॉटा एंट्री ऑपरेटरों की समस्याओं को गंभीर बताते हुए मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। उन्होंने मांग की है कि ऑपरेटरों को पूरे 12 माह का वेतन दिया जाए और पिछले 18 वर्षों से निरंतर सेवाएं दे रहे इन कर्मियों के नियमितिकरण पर त्वरित निर्णय लिया जाए।
डॉ. महंत ने अपने पत्र में कहा कि प्रदेश के 2739 धान खरीदी केन्द्र कम्प्यूटरीकृत प्रक्रिया पर आधारित हैं, जिसके कारण प्रत्येक केन्द्र पर डॉटा एंट्री ऑपरेटर की भूमिका आवश्यक हो जाती है। उन्होंने बताया कि पहले तक ऑपरेटरों को वार्षिक वेतन मिलता रहा है, लेकिन इस वर्ष केवल 6 माह का वेतन और वह भी आउटसोर्सिंग के माध्यम से देने का निर्णय लिया गया है, जिससे वे नाराज होकर हड़ताल पर चले गए हैं।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि ये ऑपरेटर न केवल धान खरीदी, बल्कि वर्षभर सहकारी समितियों के अन्य महत्वपूर्ण कार्यों को भी संभालते हैं। ऐसे में उनकी सुविधाओं में कटौती करना “अन्यायपूर्ण” है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि धान खरीदी योजनांतर्गत भारत सरकार से मिलने वाली प्रशासकीय व्यय मद का पूरा उपयोग नहीं किया जा रहा है, जबकि इसी मद से ऑपरेटरों सहित अन्य कर्मचारियों का वेतन दिया जा सकता है। गलत नीतिगत निर्णयों की वजह से राज्य को हर साल 150 करोड़ रुपये से अधिक का लाभ नुकसान उठाना पड़ रहा है।
डॉ. महंत ने मुख्यमंत्री से अपील की है कि हड़ताली डॉटा एंट्री ऑपरेटरों की “एकमात्र मांग” को तुरंत पूरा करते हुए उन्हें कार्य पर लौटाया जाए, ताकि 15 नवम्बर से शुरू होने वाली धान खरीदी व्यवस्था प्रभावित न हो।
